यह मामला एसीजेएम कोर्ट रुड़की में चल रहा था। उधर, चेक बाउंस के मामले में अतिया साबरी के अधिवक्ता संजय वर्मा ने कोर्ट में बताया था कि अतिया को फंसाने के लिए ससुराल वालों ने फर्जी खाता खोला है। कोर्ट ने निरंजनपुर के जिस बैंक में खाता खोला था उसके दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई थी। जिसमें अतिया साबरी की हैंडराइटिंग न होने की पुष्टि हुई थी।
इसके बाद कोर्ट ने शरीफ के चार लाख वाले मामले में अतिया को दो माह पहले बरी कर दिया था। जबकि एक वादी समीर ने अपना केस वापस ले लिया था। अधिवक्ता वर्मा ने बताया कि अफजल के 4.30 लाख के चेक बांउस के मामले को भी न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदेश्वरी सिंह ने फर्जी मानते हुए अतिया साबरी को बरी कर दिया है।