सोमवार को भारतीय समायनुसार शाम 4.30 बजे यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र-छात्राओं व अन्य लोगों में शामिल रुद्रप्रयाग जनपद के उत्कर्ष शुक्ला और अवंतिका भट्ट, जो वहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, भी रेलगाड़ी से हंगरी व अन्य शहर के लिए रवाना हो गए हैं।
रुद्रप्रयाग के नागजगई गांव निवासी व यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे उत्कर्ष शुक्ला ट्रेन से यूक्रेन से हंगरी के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं अवंतिका भी कीव से अन्य छात्र-छात्राओं के साथ दूसरे शहर के लिए रवाना हो गई हैं। वह, मंगलवार को पोलैंड पहुंचेगी।
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सोमवार को भारतीय समायनुसार शाम 4.30 बजे यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र-छात्राओं व अन्य लोगों में शामिल रुद्रप्रयाग जनपद के उत्कर्ष शुक्ला और अवंतिका भट्ट, जो वहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, भी रेलगाड़ी से हंगरी व अन्य शहर के लिए रवाना हो गए हैं।
उत्कर्ष ने वीडियो कॉलिंग के जरिए बताया कि रेलगाड़ी में 1500 लोग शामिल हैं, जिन्हें हंगरी उतारा जाएगा। वहां से भारतीय दूतावास की मदद से उन्हें हवाई जहाज से दिल्ली के लिए रवाना करने की उम्मीद है। इधर, अपने बेटे के यूक्रेन से सकुशल रवानगी से डा. प्रमोद प्रसाद शुक्ला ने भी राहत की सांस ली है।
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इधर, फलई गांव निवासी रचना भट्ट व विजय भट्ट का कहना है कि उनकी बेटी कीव से दूसरे शहर के लिए अपने अन्य साथियों के साथ रवाना हो गई है। उम्मीद है कि वह मंगलवार को पोलैंड के रास्ते दिल्ली तक पहुंच जाए। जिले के अन्य दो-तीन लोगों के भी जल्द स्वदेश लौटने की उम्मीद है।