साबिर पाक के 753वें सालाना उर्स के मौके पर आल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया। इस दौरान शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए। रामपुर से आए शायर ताहिर फराज ने ‘महफिल-ए-नाते नबी यूं ही सजाए रखिए, सो न जाए कहीं तकदीर जगाए रखिए’ से जमकर वाहवाही बटोरी।
बुधवार रात मुशायरे की शुरुआत बतौर मुख्य अतिथि अजमेर शरीफ दरगाह के गद्दीनशीन सैयद नजर हुसैन चिश्ती ने की। इस दौरान अजमेर शरीफ के खादिम-ए-खास रहे पीर गुलाम रसूल चिश्ती की सेवाओं को याद किया गया और उनके नाम पर विशेष अवार्ड उनके पुत्र नजर चिश्ती को भेंट किया गया। सैयद नाफिसुल हसन की नात पाक से मुशायरे का आगाज हुआ। इसके बाद देवबंद के युवा शायर नदीम ने ‘वो क्या रुकेगा भला चार बूंद की खातिर, जो आ रहा हो समंदर को मारकर ठोकर’, डॉ. वसीम राजपुरी ने ‘चापलूसों के बड़े कद से बड़े हैं हम लोग, अपनी खुद्दारी के पैरों पे खड़े हैं हम लोग’ पेश कर तालियां बटोरीं।
शायर डॉ. बिलाल सहरानपुरी, मसरूर रौनक, नईम देवबंदी, अमजद अजीम, अफजल मंगलौर ने भी शायरी से श्रोताओं की वाहवाही लूटी। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह, सुपर मेला प्रभारी इंजीनियर सैयद मीसम अली, सीओ विवेक कुमार, प्रशिक्षु सीओ नताशा सिंह, पुलिस मेला अधिकारी देवराज शर्मा को सम्मानित किया गया। मौके पर राव आफाक खां, ईश्वर लाल शास्त्री, सलमान फरीदी, नईम सिद्दीकी एडवोकेट, एडवोकेट प्रवीण तोमर, राव बिलावर एडवोकेट, अंजुम गौड़, सैयद नाफिसुल हसन, राव इनाम अली, अकबर अली, मेहताब साबरी, डॉ. बिलाल सहारनपुरी, शादाब कुरैशी, मौसम अली, मैनेजर दरगाह शफीक अहमद मौजूद रहे।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने भेजी चादर की पेश
साबिर पाक के 753वें सालाना उर्स में विधायक हाजी फुरकान अहमद, पूर्व सीएम हरीश रावत के ओएसडी सैयद मोहम्मद कासिम और हाजी राव शेर मोहम्मद ने हरीश रावत की ओर से भेजी गई चादर दरगाह में पेश कर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। विधायक ने कहा कि पूर्व सीएम ने हर साल की तरह इस साल भी साबिर पाक के सालाना उर्स में चादर पेश की है। हिंदुस्तान में सुफीइज्म इस्लाम का एक ऐसा हिस्सा है, जो सभी को साथ लेकर चलने और दुनिया को मोहब्बत का पैगाम देता है। कांग्रेस पार्टी की भी यही सोच है कि सबको साथ लेकर चलें। इस मौके पर हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हाजी राव शेर मोहम्मद, अल्लादिया, अमजद मलिक, इसरार शरीफ, नाजिम त्यागी, सफीक मलिक, इस्तिकार अहमद, राव इश्तियाक, शहनवाज मंसूरी, राव शाहनजर, इकबाल, रहीस मौजूद रहे।