उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की एक अगस्त से प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कराने के लिए ऊर्जा निगम प्रबंधन ने अपील जारी की है।
पहले पूरी की जा चुकी मांगें गिनाई
कर्मचारियों को गत वर्ष आई आपदा का हवाला देकर निर्णय बदलने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा पहले पूरी की जा चुकी कई मांगें भी गिनाई गई हैं।
बृहस्पतिवार को यूपीसीएल के निदेशक एसएस यादव ने अपील करते हुए कहा कि निगम कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीर है, कई का निस्तारण भी किया है। कहा कि कारपोरेशन ने कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कई निर्णय लिए हैं।
विभिन्न यूनियनों और एसोसिएशनों से लगातार वार्ता की जाती है। यादव ने कहा कि गत वर्ष आई आपदा के असर को देखते हुए विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए मोर्चा को अभी हड़ताल नहीं करनी चाहिए।
आपदा से हुए नुकसान से सबको मिलकर उबरना होगा। उन्होंने सीख दी कि मोर्चा को कर्मचारियों में अनुशासन बनाने का भी प्रयास करना चाहिए।
आंखें भी दिखाई
देहरादून। एमडी यादव अपील के दौरान कई बार सख्त भी दिखे। उन्होंने दोटूक कहा कि अधिसूचना के बावजूद मोर्चा हड़ताल पर गया तो ठीक नहीं होगा।
कहा कि ‘अति आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 196’ (एस्मा) के अंतर्गत यूजेवीएनएल, यूपीसीएल और पिटकुल में तात्कालिक प्रभाव से समस्त श्रेणी की सेवाओं में छह माह के लिए हड़ताल निषिद्ध की गई है।
इसकी प्रतिलिपि समस्त यूनियनों एवं एसोसिएशनों को भेज दी है। फिर भी हड़ताल हुई तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
जो उपलब्धियां एमडी गिना रहे हैं, वे किसी भी विभाग में होने वाली निरंतर कार्रवाई हैं। जिन प्रमोशन की बात की गई है, वे तो नियमित अंतराल पर होते ही हैं। इनमें एमडी या प्रबंधन का कोई हाथ नहीं है। सर्किल बढ़ाने का निर्णय भी कर्मचारियों के दम पर लिया गया। ऐसे में इस अपील का कोई असर नहीं होगा।
- दीपक बेनीवाल, उप महामंत्री, ऊर्जा कामगार संगठन