उत्तराखंड सरकार सभी दिव्यांगों को यूनिक आईडी जारी करेगी। इस यूनिक आईडी के जरिये वे प्रदेश और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से सीधे जुड़ जाएंगे।
प्रदेश से बाहर जाने पर भी उन्हें योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा। उन्हें अपनी पात्रता की दोबारा प्रक्रिया के झंझट से मुक्ति मिलेगी। यूनिक आईडी के लिए केंद्र सरकार के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की सुविधा ब्लाक स्तर पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
यूनिक आईडी के संबंध में सोमवार को राज्य सचिवालय में एक कार्यशाला हुई जिसमें भारत सरकार के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने यूनिक आईडी पोर्टल के संबंध में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी।
दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत सभी राज्यों की सरकारों को दिव्यांगों को यूनिक आईडी जारी करनी है। कार्यशाला में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर अपर सचिव समाज कल्याण राम बिलास यादव भी मौजूद थे।
ये होगा लाभ
- यूनिक आईडी अखिल भारतीय स्तर पर मान्य होगी।
- रेल, बस और अन्य सुविधाओं का लाभ आईडी से मिलेगा।
- राज्य से बाहर जाने पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा।
- यूनिक आईडी के जरिये योजनाओं का लाभ आसानी से मिल जाएगा।
आधार जुड़ेगा पर अनिवार्यता नहीं
यूनिक आईडी के लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में आधार संख्या भी मांगी जाएगी। लेकिन इसकी अनिवार्यता नहीं होगी। लेकिन दिव्यांग सर्टिफिकेट पर अंकित होगा तो उसमें इसका जिक्र होगा।
भारत सरकार ने सभी दिव्यांगों को यूनिक आईडी देने का निर्णय किया है। देश के 15 राज्यों में यह योजना आरंभ कर दी है। प्रदेश सरकार भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। आज हुई कार्यशाला दौरान मैंने यह सुझाव दिया है कि दिव्यांगों को सिर्फ सीएमओ कार्यालय से ही नहीं सीएमएस और ब्लाक स्तर पर भी सर्टिफिकेट जारी हों। आवेदन की पूरी प्रक्रिया आन लाइन होगी और इसके माध्यम यूनिक आईडी जारी की जाएगी।
- डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग