केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने धारी देवी मंदिर पहुंचकर देवी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि मां धारी देवी ही गंगा आंदोलन के लिए उनकी प्रेरणा स्रोत रही हैं।
धारी देवी के मंदिर को मूल स्थान से हटाने पर नाराजगी को उन्होंने यहां भी प्रकट किया। कहा मां धारी स्वयं अपना निर्णय करेंगी, वो अपना खेल खुद खेलेंगी।
गंगा को गंदा करने वालों पर कार्रवाई
कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धारी देवी मंदिर पहुंची केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि इकोलॉजिकल फ्लो तय किए बिना अब कोई पावर प्रोजेक्ट मंजूर नहीं होंगे। पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय के साथ मिलकर इस पर वार्ता की जाएगी कि परियोजना से मुख्य नदी में गंगा की एक धारा को अविरल बहने दिया जाए।
उन्होंने माना कि दो-तीन माह से केदारनाथ में पुनर्निर्माण में तेजी आई है। उन्होंने बदरीनाथ से लेकर हरिद्वार तक गंदे नालों को अलकनंदा, भागीरथी या गंगा में छोड़ देने की स्वीकृति देने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जरूरत बताई।
... कहा, मां रो रही है
धारी देवी मंदिर में पूजा के लिए बैठी केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती अचानक रोने लगी। कहा मां रो रही हैं। इस दौरान उनके साथ पूजा में बैठे अन्य सभी चौंक गए।
सीवर लाइन के लिए की शिकायत
नगर क्षेत्र में सीवर लाइन न होने पर भाजपा नेताओं ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री के समक्ष शिकायत की। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि 2004 में नगर क्षेत्र में मात्र 70 प्रतिशत क्षेत्र में ही सीवर लाइन बिछाई गई। 119 करोड़ का प्रस्ताव नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के समक्ष लंबित है। जिसे शीघ्र स्वीकृत कराया जाना चाहिए।