बदरीनाथ धाम के दर्शन के बाद तीर्थनगरी ऋषिकेश लौटा तमिलनाडु का एक यात्री दल एक वृद्धा को छोड़ गया। वृद्धा को एक दिन पहले बेसुध हालत में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
अब उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन अनजान शहर में कहां जाए, सूझ नहीं रहा है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन परिजनों से संपर्क बनाने का प्रयास कर रहा है।
नदी में बहती मिली थी वृद्धा
बीते मंगलवार को मुनिकीरेती क्षेत्र में गंगा में स्नान करते समय तेज बहाव की चपेट में आकर बह रही एक वृद्धा को स्थानीय लोगों ने बचाया और बेसुध हालत में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
बुधवार को हालत में सुधार होने पर अस्पताल प्रशासन ने जैसे ही छुट्टी की तो वृद्धा गिड़गिड़ाने लगी कि उसके पास पैसे नहीं हैं। जिन लोगों के साथ आई थी, वह भी छोड़कर चले गए। ऐसे में वह कहां जाएगी।
भाषा भी नहीं समझती
फार्मेसिस्ट केएन बहुगुणा से बातचीत में महिला ने पहचान देवनायकी (72) पत्नी पलामी स्वामी निवासी जगीर अम्मा पलायम, तमिलनाडु के रूप में कराई।
महिला को हिंदी नहीं आती। टूटी फूटी अंग्रेजी में बताया कि वह यात्री दल के साथ बदरीनाथ धाम के लिए आई थी। लौटने पर दल उसे बेसहारा छोड़कर चला गया। परिवार के किसी सदस्य का मोबाइल नंबर उसे पता नहीं। फिलहाल महिला वार्ड में उसे भर्ती कर लिया है।
आंध्र आश्रम से बैरंग लौटाया
सरकारी अस्पताल में फार्मेसिस्ट केएन बहुगुणा ने बताया कि लक्ष्मणझूला मार्ग स्थित आंध्र आश्रम इस उम्मीद पर भेजा था कि वह महिला की भाषा समझकर उसकी मदद करेंगे, लेकिन उन्होंने भी महिला को बैरंग लौटा दिया।