देहरादून के कोटडा संतौर गांव में सोमवार दुपहर हुए अग्निकांड में दो मासूम भाई जिंदा जल गए, जबकि एक अन्य बच्ची बाल-बाल बच गई। तेज धमाके के साथ सिलेंडर फटने से आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। कुछ देर में ही दो झोपड़ियां में रखा सामान राख हो गया।
दोनों मासूम बलिया (यूपी) के रहने वाले हैं, जो अपने माता-पिता के साथ नाना के यहां घूमने आए थे। आग कैसे लगी यह तो साफ नहीं हो पाया है।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के कोटडा संतौर गांव में नदी किनारे इशरफी अपने दो बेटों मुन्ना और नौशाद के साथ झोपड़ियां बनाकर परिवार के साथ रहता है। सोमवार दोपहर 12 बजे के करीब इशरफी अपनी पत्नी शकीना बेटे मुन्ना के साथ बलिया से आई बेटी नूर निशां, दामाद नाजिर हुसैन और दो साल की नाती के साथ प्रेमनगर में कपड़ों की खरीदारी करने चले गए।
आठ जून को आई बेटी को परिवार समेत शाम को विदा करना था। झोपड़ी में मुन्ना के छोटे भाई की पत्नी सोनी के अलावा नूर निशां के चार और मुन्ना के दो बच्चे रह गए। दोपहर दो बजे के करीब सोनी पानी लेने के लिए चली गई। इसी बीच तीन बच्चे खेलने बाहर निकल आए जबकि मुन्ना की बेटी चुन्नू और नूर निशां के दो बेटे झोपड़ी में ही बैठे रहे।