उत्तरकाशी में भागीरथी नदी पर लाटा में 100 मीटर लंबे स्पान मोटर लौह सेतु के निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ी के मामले में पीडब्लूडी के सात अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है।
2013 की आपदा के बाद इस पुल का निर्माण होना था, लेकिन निर्माण सामग्री बह गई। इस बर्बादी का हिसाब शासन को नहीं दिया गया।
यह कार्रवाई मुख्य अभियंता टिहरी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार उत्तरकाशी के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता एसएस यादव ने पुल के डिजाइन पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए काम रोक दिया था।
साथ ही अपने स्तर से ही आईआईटी रुड़की से आठ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। इस काम में यादव को ठेकेदार का भी सहयोग मिला। इसी मामले में यादव को निलंबित किया गया।