बागेश्वर और अल्मोड़ा की सीमा पर बसे कौसानी इन दिनों बंगाली पर्यटकों से गुलजार है। यहां अब तक देश-विदेश से 20 हजार से अधिक पर्यटक आ चुके हैं। अधिकतर होटल पैक हैं।
ग्लोबल वार्मिंग के चलते कौसानी अब बारहमासी पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाने लगा है। पहले शरद ऋतु में छोटा पर्यटन सीजन चलता था। केएमवीएन, लोनिवि का राज्य अतिथि गृह और जिला पंचायत के डांक बंगले समेत अधिकतर होटल पैक हैं। पर्यटक सुबह हिमालय की लंबी श्रृंखला पर पड़ने वाली सूरज की सुनहरी किरण और सूर्यास्त की लालिमा के अलावा प्रकृति के अद्भुत नजारों का लुत्फ उठा रहे हैं। होटल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बब्लू नेगी ने बताया कि यदि शासन प्रशासन, समस्याओं का समाधान करे तो यहां पर्यटकों की आमद काफी बढ़ सकती है। थानाध्यक्ष मोहन चंद्र ने बताया पर्यटकों की सुरक्षा के हर संभव प्रयास किए गए हैं।
कौसानी में क्या देखें
- अनाशक्ति आश्रम, लक्ष्मी आश्रम, स्टेट गेस्ट हाउस, राधा कृष्ण मंदिर, चाय बागान फैक्ट्री, पिनाथेश्वर, रुद्राधारी मंदिर, शांति वन के अलावा बैजनाथ धाम और झील।
ठहरने की व्यवस्था
राज्य अतिथि गृह, केएमवीएन पर्यटक आवास गृह, जिला पंचायत का डांक बंगला, कृष्णा होटल, प्रशांत, सुमित, जीतू, हिमालया माउंट व्यू, सुमन, नेचर वैली होटल अठगाड़, हेरिटेज समेत 50 से अधिक होटल हैं।