उधर, रविवार को दोपहर में खेल मंत्री डा. अरविंद पांडेय वंदना कटारिया के घर पहुंचे। जिला क्रीड़ा अधिकारी एसके डोभाल ने बताया कि खेल मंत्री के पहुंचने की तैयारियां कर ली गईं थीं। उन्होंने बताया कि वंदना कटारिया जब हरिद्वार आएंगी तो उनका जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वागत-सम्मान किया जाएगा।
वंदना की भतीजी खुशी कटारिया भी बुआ वंदना कटरिया की राह पर चल रही हैं। खुशी कटारिया भी सब जूनियर टीम में शामिल हैं और इन दिनों मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मैच समाप्ति के बाद उनकी बुआजी से बात हुई थी। जिसमें उन्होंने उन्हें बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए बधाई दी थी, लेकिन बुआजी पदक न जीत पाने को लेकर बहुत उदास थी, इसलिए वह ज्यादा बात नहीं कर पा रही थीं।
उधर, जिला क्रीड़ा अधिकारी एसके डोभाल और उप जिला क्रीड़ा अधिकारी वरुण बेलवाल ने बताया कि वंदना कटारिया से फोन पर बात हुई। जिसमें उन्होंने वंदना को बधाई दी, लेकिन पदक न लाने की टीस वंदना की बातों से साफ झलक रही थी।