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उत्तराखंड: बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे बंद, भारी बारिश और भूस्खलन से दो गोशाला क्षतिग्रस्त, 45 बकरियों की मौत

Sat, 07 Aug 2021 07:42 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर

सार

जिलाधिकारी पौड़ी डा. विजय जोगदंडे ने शुक्रवार को चमधार का निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्र के स्थायी ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि हाईवे शनिवार तक खुल पाएगा।
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दबकर मरीं 45 बकरियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच चमधार में तीसरे दिन भी अवरुद्ध रहा। वहीं, ऋषिकेश-देवप्रयाग के बीच शिवमूर्ति में भी राजमार्ग बाधित हो गया है। राजमार्ग अवरुद्ध होने के कारण वाहनों को वैकल्पिक रूटों पर डायवर्ट किया गया है।

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श्रीनगर से 7 किलोमीटर दूर चमधार में बदरीनाथ हाईवे गुरुवार सुबह 5 बजे से अवरुद्ध है। यहां पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे मार्ग खुलने में समय लग रहा है। यहां पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की मशीन लगातार काम कर रही है। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता मोहम्मद तहसीन के अनुसार दोनों छोर पर मशीन मलबा हटा रही है। खबर लिखे जाने तक मार्ग नहीं खुल पाया था। 

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इधर, देवप्रयाग से 7 किलोमीटर दूर शनिवार सुबह 7 बजे शिवमूर्ति के पास पहाड़ से मलबा आ गिरा। पीडब्ल्यूडी ने मलबा हटाकर एक बार मार्ग को लगभग खोल दिया था, लेकिन दोबारा मलबा आ गया। राजमार्ग बंद होने पर पुलिस ने श्रीनगर व पौड़ी से आने वाले वाहनों को डायवर्ट कर देवप्रयाग-गजा-चाका और मलेथा-चंबा मोटर मार्ग से ऋषिकेश की ओर भेजा। थाना प्रभारी महिपाल सिंह रावत ने बताया कि शिवमूर्ति में लगातार गिर रहे मलबे को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है। 

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वैकल्पिक रूटों पर भी फंस रहे वाहन
चमधार में बदरीनाथ हाईवे के बाधित होने पर जिन वैकल्पिक रूटों पर यातायात को डायवर्ट किया गया है। उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। यहां भी दलदल में वाहन फंस रहे हैं। शनिवार सुबह चमधार-देवलगढ़ मोटर मार्ग पर भटोली के पास एक ट्रक दलदल में फंस गया, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया। कोतवाली के एसएसआई रणवीर रमोला ने बताया कि ट्रक को हटा दिया गया है। लेकिन इस मार्ग पर सिर्फ छोटे वाहनों की आवाजाही हो रही है। रुद्रप्रयाग की ओर जाने वाले बड़े वाहनों को कीर्तिनगर-बडियारगढ़-तिलवाड़ा मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया है।

चमोली जनपद के तीन ब्लॉकों में कई घंटों से विद्युत सप्लाई ठप

वहीं चमोली जनपद के तीन ब्लॉक जोशीमठ, दशोली और घाट के लगभग 500 गावों में कई घंटे से विद्युत सप्लाई ठप है। यहां 66 केवी की श्रीनगर-कोठियालसेंण विद्युत लाइन में फॉल्ट आने से बिजली बाधित है। बता दें कि शुक्रवार को देर शाम साढ़े 7 बजे बिजली बाधित हुई थी जो अभी तक नहीं आईं है।

चमोली जिले में 48 सड़कें भूस्खलन से बंद
जिले में बारिश के कारण हो रहे भूस्खलन और भू-धंसाव से 48 संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को लंबी दूरी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। 

सड़कों की सबसे बुरी स्थिति पोखरी ब्लॉक की बनी हैं। यहां 11 सड़कें जगह-जगह भूस्खलन होने से बंद हैं। रौता, जौरासी, हापला घाटी, कर्णप्रयाग, ताली, कंसारी जैसे क्षेत्रों को यातायात से जोड़ने वाली सड़कें बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनकचौंरी-रौता सड़क जून माह के शुरुआत से ही बंद पड़ी हैं, जिससे ग्रामीण दो माह से लगभग 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं।
 
इधर, बदरीनाथ हाईवे भी जगह-जगह खस्ता हालत में पहुंच गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि सड़कों को खोलने के बाद रात को हो रही बारिश से फिर सड़कों पर भूस्खलन हो रहा है। मौसम सामान्य होने के बाद सड़कों की दशा सुधार ली जाएगी।
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मसूरी में हुई मूसलाधार बारिश 

मसूरी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर में करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। बारिश से कई जगह सड़क पर भारी मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित हुआ। गलोगी धार के पास एक बार फिर बोल्डर और मलबा आने से मसूरी-देहरादून मार्ग आधे घंटे से अधिक समय तक बंद रहा।

गंगोत्री हाईवे बंद
चिन्यालीसौड़ के नजदीक नगुन गांव के समीप गंगोत्री हाईवे दोपहर 12:00 बजे से बंद है। यहां लगातार बोल्डर गिर रहे हैं। मार्ग खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है। हाईवे के दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। वहीं स्यूसा पुल वाला मोटर मार्ग भी बंद होने के कारण उत्तरकाशी जाने के लिए लोगों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

भारी बारिश और भूस्खलन से दो गोशाला क्षतिग्रस्त, 45 बकरियों के दबकर मरने की सूचना
राजधानी देहरादून में फिलहाल मौसम साफ बना हुआ है। हालांकि शनिवार को तड़के देहरादून में बारिश का दौर जारी था, लेकिन उसके बाद चटख धूप खिल आई। इसके बाद फिर दोपहर 12 बजे हल्की बारिश हुई। वहीं राज्य के पौड़ी जिले के नौगांव में शुक्रवार देर रात भारी बारिश और भूस्खलन से दो गोशाला क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। जिसमें 45 बकरियों के दबकर मरने की सूचना है।
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