हरीश रावत से तीन देशों में भारत के राजदूतों ने मुलाकात की।
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उत्तराखंड में थाईलैंड अपने निवेश से फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री खड़ी करेगा। यह प्रस्ताव शुक्रवार को थाईलैंड में भारत के राजदूत भगवंत सिंह विश्नोई ने राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अलग-अलग भेंट के दौरान दिया। नेपाल एवं मेडागास्कर के राजदूतों ने भी उत्तराखंड से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा की। यह भी तय हुआ कि वाहनों के सुगम परिवहन के लिए नेपाल से उत्तराखंड को आने-जाने वाले रास्तों को दुरुस्त किया जाएगा।
एक से तीन जून तक उत्तराखंड के भ्रमण पर आए नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत रे, थाईलैंड में राजदूत भगवंत सिंह विश्नोई और मेडागास्कर में राजदूत श्री चंद्र बल्लभ थपलियाल शुक्रवार को सबसे पहले राज्यपाल से भेंट करने पहुंचे।
राज्य में पर्यटन विकास और माइक्रो हाइडिल परियोजनाओं के क्षेत्र में अपार संभावनाओं की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इन क्षेत्रों में विदेशी पूंजी निवेश के लिए उत्तराखंड के पास पर्याप्त अनुकूल परिस्थितियां भी मौजूद हैं। राज्यपाल ने कहा कि तुगलकाबाद ड्राईपोर्ट (दिल्ली) से बनबसा तक करीब 325 किलोमीटर लंबा हाईवे है। नेपाल की पश्चिमी सीमा से लगा उत्तराखंड का सीमांत कस्बा बनबसा है। ऐसे में तुगलकाबाद से उत्तराखंड के बीच का हाईवे भारत-नेपाल के बीच व्यापारिक गतिविधियों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।