सीधी भर्ती से शिक्षकों की हो सकेगी तैनाती
इस साल इन पदों पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को सात साल हो चुके हैं, जो वित्तीय नियमों का भी उल्लंघन हैं, लेकिन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को सात साल होने और विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद भी विभाग, शिक्षकों के लिए अलग सेवा नियमावली लागू नहीं हो पाई है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी के मुताबिक, राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों के पद सृजित हैं। बताया, इन पदों पर नियुक्ति के लिए अलग से सेवा नियमावली बननी है। विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा। इसे मंजूरी मिलने पर सीधी भर्ती से शिक्षकों की तैनाती हो सकेगी।
प्रतिनियुक्ति से विभाग मेें हो रही शिक्षकों की कमी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी के मुताबिक, राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में शिक्षा विभाग से शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर हैं। इससे हो यह रहा है कि इन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती से शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी की समस्या पैदा हो रही है। समस्या का स्थायी समाधान न होने तक इन विद्यालयों में डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति की ओर से अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा प्रतिनियुक्ति पर भी शिक्षकों को रखा जाएगा।
स्कूल खोल दिए, न भवन हैं और न ही शिक्षक
प्रदेश के राजीव गांधी नवोदय विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध हैं। इन विद्यालयों में न तो स्थायी शिक्षकों की तैनाती हुई है और न ही कई स्कूलों के पास अपने भवन हैं। रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी सहित कई स्कूल अस्थायी भवन में चल रहे हैं।