राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने देहरादून की जुड़वा बेटियों ताशी व नुंग्शी के अदम्य साहस को सलाम करते उन्हें सम्मानित किया है।
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राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने जुड़वा बहनों से कहा कि उनका यह साहस देश की बेटियों के लिए मिसाल बन सकता है। देहरादून के जोहड़ी गांव निवासी ताशी मलिक और नुंग्शी मलिक ने 19 मई 2013 को एवरेस्ट पर फतह कर एक नया इतिहास कायम किया था।
जुड़वां बहनें एक साथ एवरेस्ट पर
ऐसा पहली बार हुआ जब जुड़वां बहनें एक साथ एवरेस्ट पर चढ़ीं। इन बहादुर बेटियों का सपना दुनिया की सात सबसे ऊंची चोटियों पर फतह पाकर एक नया इतिहास रचने का है। वे यह भी दिखाना चाहती हैं कि बेटियां बेटों से कहीं से भी कम नहीं होतीं।
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पिता कर्नल रि. विरेंद्र मलिक ने बताया कि बाल दिवस के मौके पर मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति दोनों बहनों के साहस से काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने बेटियों को अपनी बहादुरी भरी यात्रा जारी रखने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश में ऐसी तमाम बेटियां हैं जिनके सपने एवरेस्ट जैसे ऊंचे हैं। ताशी और नुंग्शी इन बेटियों के लिए एक आदर्श बन सकती हैं।
अब तक यहां पाई फतह
- 19 मई 2013 को जुड़वां बहनों ने एवरेस्ट पर फतह पाई।
- साउथ अमेरिका की ‘माउंट एकोनकैगुआ’ पर फतह पाई। यह चोटी 22842 फिट ऊंची है।
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