फल, सब्जियों और दूध के बाद अब महंगाई में आटा गीला होने की बारी है। कंपनियां ब्रांडेड आटा 310 रुपए प्रति 10 किग्रा के एमआरपी पर बेचने लगी हैं, जबकि नॉन-ब्रांडेड आटा भी 21-22 रुपए प्रति किग्रा से ऊपर बिक रहा है।
सरकारी गोदाम गेहूं से भरे
हालांकि सरकारी गोदाम गेहूं से भरे हैं, लेकिन फ्लोर मिलों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। इसके चलते आटा महंगा होने लगा है। यूपी रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राम चंद्र सिंघल ने बताया कि गेहूं की महंगी खरीद के चलते फ्लोर मिलों को आटे के भाव बढ़ाने पड़ रहे हैं।
पढ़ें, उत्तराखंड में बीएड की हुई 'बत्ती' गुल
एफसीआई से गेहूं की खरीद 1,700 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर बैठ रही है। इसी वजह से नॉन-ब्रांडेड आटा भी अब 21-22 रुपए किग्रा बिकने लगा है। ब्रांडेड आटे से जुड़ी एक प्रमुख फूड कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पिछले दो-तीन हफ्तों में गेहूं के दाम 80 से 100 रुपए क्विंटल तक बढ़े हैं।
पढ़ें, जलप्रलय के बाद केदारघाटी में आग ने किया सब 'खाक'
इसके बावजूद गेहूं की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। अधिकांश कंपनियां पिछले एक महीने में आटे के दाम 5-10 फीसदी तक बढ़ा चुकी हैं।
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें---