सट्टा चलाने वाली दुबई की इस कंपनी का नाम महादेव बुक है। यह भारत में 150 सेंटरों के माध्यम से सट्टा लगवाती है। देहरादून में जिस सेंटर में यह सट्टा पकड़ा गया। इसका नंबर 102 है। इसी के कोड नेम के आधार पर ही पैसे भेजे और निकाले जाते हैं। इसके माध्यम से बुकी पहले ग्राहकों को विभिन्न वेबसाइटों पर डेमो भी देते हैं।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह वेबसाइट ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं। वेबसाइट में जाकर ग्राहक ऑनलाइन क्रिकेट मैच व कशीनों में सट्टा लगाते हैं। ग्राहकों से टेलीग्राम एप के माध्यम से संपर्क किया जाता है। इस एप पर बाजीगर नाम से महादेव बुक कंपनी एक ग्रुप चलाती है। इसके बाद विभिन्न प्रकार की वेबसाइट मे ऑनलाइन सट्टा लगाने के लिए व्हाट्सअप नंबर उपलब्ध कराये जाते हैं। बाजीगर ग्रुप से ग्राहक व्हाट्सअप नंबर लेकर उस नंबर पर इन्हें आईडी चाहिए मैसेज करता है। इस पर आरोपी ने उन्हें यह आईडी बताते हैं।
इसके रिफिल फोन कहा जाता है। ग्राहकों को डेमो भी दिया जाता है। ग्राहकों को वेबसाइट पसंद आने के बाद उन्हें पेमेंट डिटेल फार्मेट दी जाती है। इसमें उन्हें बैंक खाते का विवरण और यूपीआई आईडी आदि दी जाती है। पेमेंट मिलने के बाद आरोपी उन्हें वेबसाइट की आईडी और उसका पासवर्ड देते हैं।
उन्हें दिए गए रुपयों के बराबर सट्टा लगाने के लिए प्वाइंट दिए जाते हैं। यदि ग्राहक जीत जाता है तो वह व्हाट्सएप पर उन्हें विड्राल चाहिए का मैसेज करता है। इसके बाद आरोपी विड्राल फोन मे चल रहे व्हाट्सएप से ग्राहक को उसके खाते की डिटेल भेजने के लिए एक फारमेट भेजते हैं। इसमें ग्राहक अपने खातों का विवरण भेज देते हैं।