अनाधिकृत तरीके से संचालित वातानुकूलित वॉल्वो बसों, डग्गामार गाड़ियों के खिलाफ परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारियों ने पूरी रात अभियान चलाया। अभियान के दौरान जहां छह वॉल्वो बसों को सीज कर दिया गया, वहीं 42 गाड़ियों का चालान किया गया।
अभियान के दौरान चार गाड़ियों के ड्राइवर, कंडक्टर सवारियों से भरी बसों को गलीकूंचों में खड़ी कर फरार हो गए। उन्होंने सोचा कि जब विभागीय अधिकारियों की टीम चली जाएगी तो वे गाड़ियों को लेकर दोबारा चले जाएंगे, लेकिन जांच पड़ताल कर रहे विभागीय अधिकारी उनसे भी चालाक निकले। आरटीओ (प्रवर्तन) के निर्देश पर मौके पर ही परिवहन निगम की बसें मंगवाई गईं और बसों को चारों गाड़ियों के आगे पीछे खड़ी करके उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। परिणामस्वरूप ड्राइवर, कंडक्टर बसों को नहीं ले जा पाए। अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद सभी यात्री बसों से उतरकर परिवहन निगम की बसों से गतंव्यों को गए।
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विशेषज्ञों की टीम बसों की लंबाई, चौड़ाई की कर रही नापजोख
आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी ने बताया कि बस संचालकों छारा बसों की लंबाई और चौड़ाई में बदलाव करने की बात सामने आई है, जो नियमों के विपरीत है। बताया कि यदि बसों की लंबाई चौड़ाई अधिक पाई जाती है तो ऐसे बसों को संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बसों को कटर से काटा भी जाएगा।
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अब तक दो दर्जन बसों को किया जा चुका है सीज
परिवहन विभाग के अधिकारियों की अगुवाई में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान अब तक दो दर्जन से अधिक बसों को सीज किया जा चुका है। इन बसों में से ज्यादातर वे बसें शामिल हैं जिनका संचालन नई दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, पंजाब जैसे दूसरे राज्यों के लिए किया जाता है। इन बसों के संचालन को लेकर बस संचालकों द्वारा परिवहन विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई है और न ही कोई टैक्स जमा कराया गया है।