राज्य कर मुख्यालय में राज्य कर सेवा संघ, राज्य कर मिनिस्टीरियल स्टाफ संघ, आशुलिपिक संघ की संयुक्त मोर्चा की बैठक में सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव पारित गए। विभागीय स्तर पर पुनर्गठन की कार्रवाई न करने पर संयुक्त मोर्चा ने प्रस्ताव तैयार करने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है।
राज्य कर विभाग के तीनों संघों के संयुक्त मोर्चा ने विभागीय पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करने के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति तीन माह के भीतर पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करेगी। इसे सरकार और शासन के समक्ष रखा जाएगा। संयुक्त मोर्चा का कहना है कि पांच साल के बाद भी विभाग का पुनर्गठन न होने से राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा विभाग में तबादलों के विकल्प चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया को समाप्त करने का अधिकारियों व कर्मचारियों ने विरोध किया। राज्य कर मुख्यालय में राज्य कर सेवा संघ, राज्य कर मिनिस्टीरियल स्टाफ संघ, आशुलिपिक संघ की संयुक्त मोर्चा की बैठक में सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव पारित गए। विभागीय स्तर पर पुनर्गठन की कार्रवाई न करने पर संयुक्त मोर्चा ने प्रस्ताव तैयार करने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है।
इसके अलावा विभाग में तबादला और संबद्धता के लिए स्थायी नीति बनाने और ट्रांसफर के विकल्प चयन के लिए चार साल से चल रही ऑनलाइन प्रक्रिया को जारी रखने की मांग की है। बैठक में संयुक्त मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने के लिए सक्रिय सत्याग्रह करने का संकल्प लिया है। बैठक में राज्य कर सेवा संघ और संयुक्त मोर्च के अध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि जीएसटी लागू होने के पांच साल बाद भी विभागीय ढांचे का पुनर्गठन नहीं हो पाया है। जिसके कारण राजस्व पर विपरीत असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
राज्य कर मिनिस्टीरियल स्टाफ संघ के अध्यक्ष जगमोहन नेगी ने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों की मांगों का समाधान न होने से राजस्व में और अधिक कमी आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में आनलाइन प्रक्रिया के चलते कार्मिकों के ढांचे का पुनर्गठन को रोका जा रहा है।
जीएसटी में नोटिस जारी करने, रिफंड समेत तमाम कार्य ऑफलाइन ही किए जा रहे हैं। संयुक्त मोर्चा ने सरकार से विभाग का पुनर्गठन और संसाधनों की मांग की है। बैठक में संयुक्त मोर्च के महासचिव राकेश जखमोला, जयदीप सिंह रावत, रघुबीर चौहान, अरविंद जोशी, कैलाश बिष्ट, देवेंद्र राणा आदि मौजूद थे।