रोडवेज मुख्यालय से एजीएम ऋषिकेश को कार्रवाई के आदेश दिए गए। लेकिन कार्रवाई होने में 10 दिन लग गए। बताया जा रहा है कि बस का परिचालक रोडवेज कर्मचारी नेता है। इसलिए कार्रवाई होने में देरी हो गई।
वहीं 10 दिन बाद संबंधित चालक परिचालक पर कार्रवाई होने के बाद रोडवेज कर्मचारियों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
कार्रवाई होने में देरी को लेकर कोई परिचालक के रोडवेज कर्मचारी यूनियन का नेता बता रहा है तो, कोई इसे रोडवेज चालक परिचालकों की मनमानी। ऋषिकेश से रुपैडिया मार्ग पर दोपहर 1:30 बजे एक बस संचालित होती है। 50 सीटर बस में 70 सवारी बैठाए जाते हैं। रुपैडिया रुट पर जाने वाली सवारियों में अधिकांश नेपाल मूल के लोग होते हैं। इनके साथ इनका घरेलू सामान भी होता है।
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कुछ सामान को छत में रखवा दिया जाता है, बाकी सामान को सीटों और सीटों के नीचे ठोक दिया जाता है। सवारियों को भी ठूस-ठूस कर भरा जाता है। एजीएम ऋषिकेश डिपो पीके भारती का कहना है इस मामले में रोडवेज मुख्यालय की ओर से शाम को मेल आई थी सुबह कार्रवाई कर दी गई। होली के कारण कार्रवाई में देरी हो गई।