कुकिंग प्रतियोगिता ‘कहीं गुम ना हो जाए’ सीजन -5 का खिताब शेफ शैला बंसल के सिर सजा जबकि दूसरे नंबर पर पूनम अरोरा और तीसरे स्थान पर दीपिका भंडारी रहीं। राजपुर रोड स्थित एक होटल में बैक टू रूट संस्था की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का अमर उजाला मीडिया पार्टनर है।
प्रतियोगिता में प्रदेश भर के शेफ ने राज्यों के पारंपरिक पकवानों को थाली में पेश कर खूब वाहवाही बटोरी। प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 26 मार्च को दिल्ली में होगा। प्रतियोगिता के आयोजक और बबीता के पति कर्नल अतुल सक्सेना (रिटायर्ड) ने बताया कि इस कुकिंग प्रतियोगिता का उद्देश्य घरों से गुम हो रहे दादी-नानी के पकवानों को फिर से हर घर में लाना है और भोजन के साथ ही सेहत के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी बबीता सक्सेना ने प्रतियोगिता की शुरुआत 2017 में अपनी संस्था की स्थापना के साथ ही की थी। वह तब से हर साल इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन करती आ रही थी ताकि स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा मिल सके। लेकिन पिछले वर्ष कोरोना से उनका निधन हो गया। ऐसे में उनकी स्मृति में यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
कर्नल अतुल सक्सेना ने बताया कि संस्था विशेष तौर पर हमारी भारतीय परंपरा और संस्कृति को फिर से स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कला, पाककला इत्यादि के उत्सव आयोजित कर रही है। प्रतियोगिता में ज्यादातर रेसिपी दादी-नानी से सीखी हुई यानी परंपरागत थी। प्रतियोगिता में शेफ राजीव, शेफ राजपाल राणा, शेफ स्मृति सरीन हरी, रूपा सोनी और दीपा चावला ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।