प्लानिंग के तहत गुरुवार का दिन तय हुआ। उस वक्त वहां पर केवल विभा सिंह होती थी। मौका पाकर उन्होंने विभा को कमरे में धक्का दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर वहां से निकल आईं। रास्ते में ही उन्हें लड़की का मुंह बोला भाई मिल गया।
उसने पहले से ही त्यागी रोड पर एक होटल उनके लिए बुक किया हुआ था। पुलिस को जब पहली लड़की मिली तो उसने लड़के के बारे में बता दिया था। इसके बाद उसके मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर त्यागी रोड स्थित एक होटल से उन्हें बरामद कर लिया गया।
एक लड़की पहुंच गई थी घर, मां बाप ने दीं गालियां
इनमें से तीन लड़कियां तो लड़के के साथ होटल चली गईं, लेकिन एक लड़की अपने घर चली गई। वह जैसे ही घर पहुंची तो उसके माता-पिता ने उसे गालियां देनी शुरू कर दीं। धमकियां दीं कि वे उसे दोबारा नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कर आएंगे। इस डर से वह रात में ही वहां से भाग गई। चूंकि रात का समय था तो ज्यादा दूर नहीं जा सकी। उसने घर के पास में ही एक दुकान के पीछे जैसे तैसे रात बिताई। यहां अगले दिन पुलिस पहुंच गई।
माता-पिता से कराया था वीडियो कॉल
आरोपी संचालक और डायरेक्टर को इस बात पर यकीन था कि उनका प्लान फुल प्रूफ है। इसका कभी भी राज नहीं खुलेगा। इसके लिए वे दोनों लड़कियों को डराकर ही रखते थे। माता-पिता को सबकुछ ठीक होने का पता चल सके। इसके लिए संचालक अक्सर वीडियो कॉल कराता था। वहां पर बारी-बारी से सबकी बात कराई जाती थी। लड़कियां मार-पिटाई के डर से सब कुछ ठीक बता देती थीं।