लेगेसी वेस्ट को भी शीघ्र हटाए जाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न योजनाओं से योजना पर कार्य करने के बाद गैप फंडिंग के लिए स्टेट बजट से प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशभर में विभिन्न स्थानों से लेगेसी वेस्ट को भी शीघ्र हटाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि लेगेसी वेस्ट हटाए जाने के बाद ख़ाली पड़ी भूमि का अधिकतम उपयोग हो सके इसके लिए स्थानीय आवश्यकताओं एवं परिस्थितियों के अनुरूप भूमि उपयोग की योजना तैयार की जाए। बैठक में अपर सचिव नितिन भदौरिया एवं सदस्य सचिव उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सुशांत पटनाईक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
ये भी पढ़ें...Corona Alert: सांस, फेफड़े और दिल के मरीजों की होगी निगरानी, उत्तराखंड में अभी नए वेरिएंट का कोई मामला नहीं
पूरे प्रदेश को डस्टबिन फ्री किया जाए
उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा उठान तभी संभव होगा, जब पूरे प्रदेश को डस्टबिन फ्री किया जाएगा। इसके लिए कूड़ा उठाने वाले वाहनों की जितनी भी आवश्यकता होगी उसके लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मैन पावर भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने लोगों में जागरूकता के लिए भी योजना संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों को डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर की सड़कों के किनारे से डस्टबिन हटाए जाने के बाद डस्टबिन उठाने के अनुकूल बनी गाड़ियां जब तक चल रही हैं, उनसे कार्य लिया जाता रहे। इसका ध्यान रखते हुए उन वाहनों का मॉडिफिकेशन प्लान भी तैयार कर किया जाए।
ठोस कचरा प्रबंधन सयंत्र बनाने पर भी दिया जोर
मुख्य सचिव ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट्स के निर्माण में भी तेज़ी लाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि सभी प्लांट्स के प्रत्येक स्तर के पूर्ण होने तिथि सहित पूरा प्लान प्रस्तुत किया जाए. उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का थर्ड पार्टी ऑडिट कराए जाने के भी निर्देश दिए।