आग बेकाबू होती देख अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना पर देहरादून, लक्सर, ऋषिकेश, बुग्गावाला, सहारनपुर, हरिद्वार से भी फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। गोदामों की आग फैक्टरी तक न पहुंचे। इसे लेकर फायर ब्रिगेड की सभी गाड़ियों को आगे कर सुरक्षा दीवार बनाकर आग बुझाना शुरू किया गया। शाम करीब चार बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। आग से दोनों गोदाम में रखा पूरा सामान भी जलकर राख हो गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिनव त्यागी ने बताया कि आग के कारणों का अब तक पता नहीं लग पाया है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शार्ट सर्किट लग रहा है। आग से करीब 12 करोड़ का नुकसान बताया जा रहा है। आग के कारणों की हर बिंदु पर जांच कराई जा रही है। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह तनवर, रुड़की फायर ब्रिगेड स्टेशन प्रभारी अब्दुल जब्बार, केशवदत्त, सत्यपाल सिंह और अतर सिंह राण आदि मौजूद रहे।
आसपास की फैक्टरियों से बाहर निकाले कर्मचारी
बल्ब फैक्टरी परिसर स्थित दो गोदाम में भीषण आग लगने के बाद पुलिस व फायर ब्रिगेड ने आसपास की 10 फैक्टरी में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर निकाला। साथ ही सभी को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। फैक्टरी के आसपास कोई न जाए, इसे लेकर पुलिस की ओर से सुरक्षा घेरा भी बनाया गया।
फायर उपकरण थे या नहीं, चल रही जांच
फायर ब्रिगेड की ओर से जांच की जा रही है कि दोनों गोदाम में फायर उपकरण लगे थे या नहीं। लगे थे तो वह एक्सपायरी डेट के तो नहीं थी। वहीं, फायर ब्रिगेड की ओर से फैक्टरी और दोनों गोदामों के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
आसपास की फैक्टरियों से भरा पानी
आग इतनी भीषण थी कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियाें में कई बार पानी भी खत्म हो गया था। ऐसे में पास की ही फैक्टरियों से पानी गाड़ियों में भरा गया। पानी भरने में फैक्टरियों के कर्मचारियों और पुलिस ने भी फायर ब्रिगेड की टीम का सहयोग किया।