जाखन नदी का जलस्तर कम होते ही लोनिवि ऋषिकेश डिवीजन वैकल्पिक मार्ग बनाएगा। यहां नदी के ऊपर ही डायवर्जन बनाया जाएगा। इसके अलावा थानो-भोगपुर और घमंडपुर-अठूरवाला मार्ग को मार्ग को भी दुरुस्त किया जाएगा। अभी विभाग जाखन और बिदालना नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहा है। नदी का जलस्तर कम होते ही प्राथमिकता के आधार पर रानीपोखरी में नदी में रास्ता बनाने काम किया जाएगा।
प्रमुख सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने कहा कि नए पुल का स्वरूप क्या होगा, इस बारे में भी अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। तमाम संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। नया पुल टू-लेन का होगा या फोर-लेन का, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस पर भी मंथन किया जा रहा है। वहीं, पुराने पुल के टूटने के बारे में उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पुल किन परिस्थितियों में टूटा उसके बाद ही स्पष्ट होगा।
खनन के कारण टूटा जाखन पुल : हरीश
पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि जाखन नदी पर बने पुल के ध्वस्त होने का कारण अवैध खनन हो सकता है। इसके अलावा सेफ्टी ऑडिट न कराया जाना भी एक वजह हो सकती है। अपनी फेसबुक पोस्ट में हरीश रावत ने लिखा कि उन्हें लगता है पुल खनन के कारण टूटा है। इसी तरीके से एक पुल पहले गौला में भी टूटा था। भाजपा राज में खनन का बोलबाला रहा है। इंजीनियर्स की जांच केवल आईवॉस न हो, इसलिए आवश्यक है कि किसी बाहरी एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। यदि खनन इसका कारण निकलता है, तो जितने खनन पट्टे पुलों के नजदीक दिए गए हैं, उन पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।