वरिष्ठ विधायक हरबंस कपूर ने कहा कि वर्तमान दौर में सबको नौकरी दे पाना संभव नहीं है, इसलिए स्वरोजगार ओर कुटीर उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्य के विकास के लिए सभी को आगे आना होगा। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके लिए भविष्य को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाए जाने की जरूरत है। इसके लिए भूमिगत जल का रिचार्ज रखना भी जरूरी है। इसके लिए उन्होंने नहरों और दूसरे स्रोतों से नलकूपों तक पानी की लाइनें बिछाए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने सरकारी और गैर सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सख्ती से लागू कराए जाने पर भी बल दिया।
साहसिक पर्यटन पर लगी पाबंदियों में मिले छूट : प्रीतम पंवार
सदन में सतत विकास पर चर्चा में भाग लेते हुए विधायक प्रीतम सिंह पंवार राज्य के समग्र विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां पहाड़ और मैदान में बंटी हैं। इसलिए पहाड़ और मैदान की विकास योजनाओं को अलग-अलग ढंग से बनाना चाहिए। उन्होंने गरीबी से मुक्ति पाने के लिए राज्य में कृषि, बागवानी, पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। प्रीतम ने जबरन चकबंदी, सहकारिता के माध्यम से सामूहिक खेती, कृषि-उद्यान और पशुपालन का संयुक्त मॉडल विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य में बुग्याल, ट्रेकिंग और दूसरी साहसिक गतिविधियों पर कानूनों की बहुत अधिक पाबंदियां हैं, इन्हें कम किया जाना चाहिए। इससे हमारे यहां आने वाले पर्यटक दूसरे प्रदेशों की ओर रुख कर रहे हैं।
सख्ती के साथ लागू हो प्रदेश में चकबंदी : राजकुमार
चर्चा में भाग लेते हुए पुरोला के विधायक राजकुमार ने कहा कि राज्य में स्वैच्छिक चकबंदी लागू है, लेकिन यह कारगर नहीं है, इसलिए इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। प्रदेश में छोटी-छोटी मंडियां विकसित की जानी चाहिए, ताकि किसान आसानी से अपनी उपज बेच सके। नगदी फसलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। नदियों के पानी को पंपिंग के जरिये खेती के काम में उपयोग में लाया जाना चाहिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कामों की धरातलीय जांच कराए जाने का मुद्दा भी उठाया।
सभी ब्लाकों में पीएचसी खोले जाने की वकालत : कैड़ा
भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा ने कहा कि राज्य के प्रत्येक विकासखंड में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की आवश्यकता है। अभी नियम हैं कि 20 हजार की आबादी पर ही एक पीएचसी खुल सकता है। उन्होंने इस नियम में पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बदलाव किए जाने की बात कही।
खजान दास भी सरकार की उपलब्धियों तक अटके
चर्चा में भाग लेते विधायक खजान दास भी सरकार की उपलब्धियों का बखान करने तक सीमित रहे। हालांकि, वह अपना वक्तव्य कागज पर लिखकर लाए थे, लेकिन विषय से भटकते नजर आए। उन्होंने तमाम विभागों के बजट में कटौती कर स्वास्थ्य विभाग का बजट बढ़ाए जाने का सुझाव दिया।
संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत विषय से भटके
सतत विकास पर चर्चा की शुरुआत संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत ने विकास के मोर्चे पर प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि सतत विकास सरकार की प्राथमिकता है।
भावनाओं में बहे विधायक देशराज कर्णवाल
सदन में चर्चा के दौरान विधायक देशराज कर्णवाल भावनाओं में बह गए। विषय से भटकते हुए वह अन्य मुद्दों पर बात करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज की गई। विस अध्यक्ष ने कहा कि आप भाषण अच्छा देते हैं, लेकिन यहां भाषण नहीं देना है, संबंधित विषय पर चर्चा करनी है।
गणेश जोशी ने रखा विभागीय ब्योरा
चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री भी अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाने तक ही सीमित रहे। वह भी सतत विकास पर कोई मत नहीं रख पाए। उन्होंने सैनिक कल्याण विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यों का ब्योरा भर चर्चा के दौरान सदन में रखा।