इधर, एनएच लोनिवि श्रीनगर के अधिकारियों ने बताया कि एनएच का जो हिस्सा ध्वस्त हुआ है उसका निरीक्षण किया जा रहा है। कहा अलकनंदा नदी में झील के पानी से हुए कटाव के कारण यह स्थिति बनी है। एनएच को और नुकसान न हो इसके लिए ठोस व्यवस्था की जा रही है।
फरासू हनुमान मंदिर के समीप एनएच के एक हिस्से के ध्वस्त होने से ढिकवालगांव पंपिग पेयजल योजना की करीब 150 मी. लाइन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इसको बनाने में करीब 10 से 12 दिनों का समय लग जाएगा। वैकल्पिक तौर पर ग्रेविटी पेयजल योजना से गांवों में आंशिक रूप से पेयजल आपूर्ति हो सकेगी।
- सोहन जेठुड़ी, सहायक अभियंता, जल संस्थान पौड़ी।
फरासू हनुमान मंदिर के पास एनएच का करीब 50 मी से अधिक हिस्सा अचानक ध्वस्त हो गया है। जिससे यहां पर मार्ग संकरी स्थिति में आ गया है। मार्ग को पानी के कटाव से और नुकसान न हो इसके लिए ठोस उपाय किया जाएगा।
- ग्रविता पांडेय, सहायक अभियंता, एनएच लोनिवि श्रीनगर।