भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी हाईवे के जल्द बहाल होने की उम्मीद है। शनिवार को बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की ओर से दोपहर बाद हाईवे से मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन अपराह्न चार बजे दोबारा मलबा गिर गया। रविवार से हाईवे के सुचारु होने की उम्मीद है।
मलारी हाईवे पिछले 15 दिनों से अवरुद्घ है। शनिवार को बीआरओ की ओर से हाईवे को खोलने की तैयारी थी, लेकिन हाईवे पर फिर अचानक मलबा गिर गया। वहीं, नीती घाटी के 14 गांवों में बिजली सप्लाई भी ठप पड़ी हुई है।
सूके भलगांव को ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह बुटोला ने कहा कि उरेडा को घाटी में सोलर लाइटें स्थापित करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अंधेरा होने के कारण वन्य जीव भी आबादी क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि मौसम सामान्य रहने पर रविवार को सुबह से हाईवे से वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई जाएगी।