श्री गुरुराम राय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हिंदी सप्ताह के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने का संकल्प लिया गया।
शुक्रवार को हिंदी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कुलाधिपति महंत देवेंद्रदास महाराज ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसलिए हमें इसे पूरा सम्मान देना होगा। मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि आज हमें हिंदी दिवस मनाने की आवश्यकता पड़ रही है, यह चिंता का विषय है। आज हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा तो मिल गया, लेकिन यह राजकाज की भाषा नहीं बन पाई है। हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विवि के कुलपति प्रो. हेमचंद्र पांडे ने कहा कि हमारी सामान्य बोलचाल की हिंदी भाषा अपभ्रंश हो गई है। क्योंकि विशुद्ध हिंदी संवाद का माध्यम नहीं बन पाई है। एसजीआरआर विवि के कुलपति प्रो. यूएस रावत ने कहा कि हमें अपनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के प्रयास करने होंगे। उन्होंने बताया कि पूरे उत्तर भारत में मेडिकल शिक्षा संस्थानों में श्री गुरुराम राय मेडिकल कॉलेज ने 18 वां स्थान प्राप्त किया है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय गवर्निंग बॉडी के सदस्य प्रो. एसएस रावत, दून विवि के डीन मैनेजमेंट प्रो. एससी पुरोहित और दरबार साहिब के प्रतिनिधि डीपी ममगांई ने भी संबोधित किया। इस मौके पर छात्रों द्वारा सामूहिक गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुति व योगाभ्यास का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. यूएस रावत द्वारा अपनी स्मृतियों पर आधारित पुस्तक ‘स्मृति वृक्ष‘ का भी विमोचन किया गया। उन्होंने बताया कि अभी यह पुस्तक का पहला अंक है। आगे दो अंक और प्रकाशित होंगे। इस दौरान डॉ. एसपी रयाल मौजूद रहे।