उत्तराखंड में पदोन्नति में आरक्षण लागू करने का मामला फाइलों में उलझ गया है। आरक्षण के मसले पर गठित इरशाद आयोग का कार्यकाल 28 फरवरी को पूरा हो चुका है, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कुछ पता नहीं है।
उत्तराखंड अनुसूचित जाति-जनजाति इंप्लाइज फेडरेशन ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए आंदोलन का ऐलान किया है।
फेडरेशन पदाधिकारियों की बैठक में कहा गया कि पांच सितंबर 2012 में तीन महीने के लिए इरशाद आयोग का गठन किया गया था। अब तक आठ बार इसका कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है।
एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन करेगी आंदोलन
प्रदेश अध्यक्ष करमराम ने कहा कि अब 28 फरवरी को कार्यकाल समाप्त हो चुका है, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही। बताया कि प्रदेश में बैकलॉग के 13.5 हजार पद खाली हैं।
शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, ऊर्जा विभाग सहित विभिन्न विभागों में एससी-एसटी कर्मचारियों के प्रमोशन रुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस मसले पर जल्द प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।