बाटाघाट कांड की 27वीं बरसी पर राज्य आंदोलनकारियों ने गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में राज्य आंदोलनकारियों ने शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। आंदोलनकारियों ने राज्य आंदोलन की अहिंसक घटनाओं को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के साथ ही मसूरी के बाटाघाट में स्मारक बनाने की मांग की।
आंदोलनकारियों ने कहा 1994 में 15 सितंबर को बाटाघाट में मसूरी गोलीकांड के विरोध में उत्तरकाशी और टिहरी से मसूरी आ रहे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई आंदोलनकारियों को पुलिस ने खाई में फेंक दिया, जिससे बड़ी संख्या में आंदोलनकारी घायल हुए थे। कई लोगों की कुछ समय बाद मौत भी हो गई थी। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि बाटाघाट के आंदोलनकारियों के संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कहा कि राज्य के इतिहास को स्कूली पाठयक्रम में शामिल कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ी को अपने राज्य के निर्माण के संघर्ष की जानकारी मिल सके। कहा कि सरकार एक साल के अंदर राज्य निर्माण का इतिहास लिखने कार्य शुरू नहीं करती तो आंदोलनकारी स्वयं राज्य गठन के आंदोलन को कलमबद्ध करेंगे।
बाटाघाट कांड के प्रत्यक्षदर्शी धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर नरेन्द्र पडियार, सुधांशु रावत, प्रवीण पंवार, राजीव अग्रवाल, रजत अग्रवाल, संजय सेमवाल, कमल भंडारी, महिपाल रावत, सोमवारी लाल नौटियाल, श्रीपति कंडारी, जबर सिंह बर्तवाल, कमलेश भंडारी, नागेन्द्र उनियाल, आरपी बडोनी, सोबन सिंह मौजूद रहे।