बाबा रामदेव लंबे समय के लिए हरिद्वार छोड़कर ‘मिशन मोदी’ पर निकल रहे हैं। मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए उन्होंने कमर कस ली है।
भाजपा के जो नेता मोदी से नाराज हैं उन्हें मनाने के लिए बाबा मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे। विशेष रूप से मध्य प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों को राजी करने का जिम्मा बाबा ने लिया है।
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बाबा के मोदी राग से पतंजलि योग पीठ और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के सामने स्पष्ट हो गया है कि दोनों को अब अगले चुनाव तक यही राग गाना पड़ेगा। पतंजलि परिवार को बाबा और आचार्य बालकृष्ण ने मिलकर खड़ा किया है।
चुनावी प्रचार पर बाबा
इन दोनों के खिलाफ बोलने का सामर्थ्य किसी में नहीं, अलबत्ता दबे मन से प्रतिष्ठानों के बहुत से पदाधिकारी विचलित दिखाई दे रहे हैं।
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हाल ही में बाबा ने मतदाता जागरण अभियान के अंतर्गत देश के कई भागों में कुछ सभाएं की। अब ये सभाएं लंबे समय के लिए की जाएंगी।
बाबा ने स्वाभिमान ट्रस्ट एवं पतंजलि योग पीठ के उच्चस्थ पदाधिकारियों की बैठक में विगत दिवस साफ कर दिया है कि अब सभी को चुनाव पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
मोदी नहीं तो प्रचार नहीं
कहा कि उन्होंने भाजपा को नहीं, अपितु नरेंद्र मोदी को समर्थन प्रदान किया है। यदि भाजपा ने मोदी को प्रत्याशी न बनाया, तो पार्टी के समर्थन के बारे में नए सिरे से विचार करेंगे।
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मोदी से नाराज मुख्यमंत्रियों को मनाने के लिए बाबा रामदेव भोपाल और पटना बार-बार जाएंगे। दोनों मुख्यमंत्रियों से उनकी कई बार सीधी बात भी हो चुकी है। पहले भी बाबा दोनों से उनके घर जाकर मिले हैं। 20 से 30 सितंबर तक होने वाली बाबा की विदेश यात्रा के बाद तो बाबा सारा समय मोदी अभियान में लगाने जा रहे हैं।
योग और प्राणायाम के साथ देश भी जरूरी
योग और प्राणायाम मेरे जीवन का मकसद हैं। समूचे विश्व को योग के माध्यम से स्वस्थ करना लक्ष्य है। भारत जैसे देश को यदि विश्व गुरु पद पर आसीन करना है तो इसके लिए सत्ता की आवश्यकता पड़ेगी।
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मुझे न तो कुर्सी चाहिए और न सत्ता। अलबत्ता, देश के सत्ता शिखर पर ऐसा पुरुष बैठना चाहिए, जो राष्ट्रीय स्वाभिमान से भरा हो और भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ संघर्ष कर सके।
देश की सांप्रदायिक एकता कायम रखने के लिए लगातार काम करता रहूंगा। नरेंद्र मोदी के माध्यम से देश का भविष्य बदला जा सकता है, अत: उन्हें प्रधानमंत्री बनाने के लिए अगले कई महीनों तक अभियान चलाता रहूंगा।
- योग गुरू स्वामी रामदेव
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