टाइगर रिजर्व के गेट को पर्यटकों के लिए पांच महीने के लिए बंद कर दिया गया है। अगले पांच माह के बाद 15 नवंबर को पर्यटक फिर से टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर सकेंगे। बरसात के मौसम को देखते हुए प्रतिवर्ष पांच माह के लिए पार्क को बंद कर दिया जाता है। राजाजी टाइगर रिजर्व के चार गेटों चीला गेट, मोतीचूर गेट, चिलावाली गेट और रानीपुर गेट के गेटों को पर्यटकों के लिए शनिवार शाम पांच बजे बंद कर दिया गया है।
करीब 820 स्कवायर किलोमीटर क्षेत्र में फैला टाइगर रिजर्व पार्क तीन जिलों पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार से जुड़ा हुआ है। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में टाइगर, हाथी, गुलदार, सांभर, चीतल, काकड़, सेही, गुरड़, भालू, सांप, अजगर, नेवले, नीलगाय आदि पाए जाते हैं। टाइगर रिजर्व करीब दस रेंजों से जुड़ा है। पौड़ी जिले के अंतर्गत चीला, रवासन और गौहरी रेंज शामिल हैं। देहरादून जिले के अंतर्गत रामगढ़, कांसरो और मोतीचूर रेंज, जबकि हरिद्वार जिले के अंतर्गत चिल्लावाली, धौलखंड, बेरीवाड़ा और हरिद्वार रेंज शामिल हैं।