सोमवार की सुबह राजधानी देहरादून सहित आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। सुबह से ही आसमान में बादल लगे हुए थे।
इस बारिश से जहां एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं गढ़वाल और केदारघाटी के लोग इस बारिश से सहमे हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को दून सहित प्रदेश में कई जगहों पर बारिश हो सकती है।
इस एक वाक्य से पिछले साल का यही दिन खौफनाक तरीके से ताजा हो जाता है। शहर का कोई भी व्यक्ति पिछले साल 15 जून से शुरू होने वाली बरसात को नहीं भूल सकता।
जहां देहरादून में सोमवार की सुबह झमाझम बारिश हुई, वहीं बदरीनाथ में धूप खिली रही। सोमवार को दर्शन के लिए बदरीनाथ धाम में करीब 2200 यात्री मौजूद रहे।
फिलहाल, यहां बारिश के कोई आसार नहीं हैं। पिछले साल आज ही के दिन धाम में 253 यात्री मौजूद थे। जोरदार बारिश से बदरीनाथ हाइवे लामबगड़ में टूट गया था।
16 जून को हुई थी मानसून आने की घोषणा
तब मौसम विभाग ने इसी दिन मानसून आने की घोषणा की थी। चेतावनी भी दी थी कि 48 से 72 घंटे तक प्रदेश में तेज बारिश हो सकती है और भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।
15 जून 2013 को दून सहित पूरे प्रदेश में जमकर बारिश हुई थी। दून में इतना पानी बरसा था कि कई कालोनियां और रास्ते जलमग्न हो गए थे।
कई लोगों का पूरा दिन घर में घुसे पानी को बाल्टी से बाहर निकालते गुजरा था। हालांकि, इस दिन शहर में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था लेकिन इसके बाद जो कुछ भी हुआ उस मंजर को याद करके किसी भी व्यक्ति की रूह कांप जाती है।
रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी हो सकती है बारिश
मौसम विभाग ने सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक 11 मिलीमीटर बारिश की घोषणा की थी। इससे पूर्व 12 साल पहले वर्ष 2000 में मानसून 10 जून को प्रदेश में पहुंचा था।
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में बारिश हो सकती है। राजधानी में दिन में आंशिक बादल छाने के बाद रात को बारिश हो सकती है।
रविवार को अधिकतम तापमान 35.6 और न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में सोमवार को 0.6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।