नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में हरीश रावत ने कहा कि वह अलग परिवेश से आए हैं। कई बातों को देखते हुए उनको पंजाब प्रदेश अध्यक्ष का पद सौंपा गया है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है पूरी कांग्रेस उनको सौंप दी है। सिद्धू के सलाहकार की ओर से जो बयान दिया गया है। उससे कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस उनके बयान की निंदा करती है।
सिद्धू के सलाहकार का बयान देशहित में नहीं, पार्टी लाइन से बाहर और निंदनीय है। सिद्धू से इस बारे में बात हुई है, उन्हें स्पष्ट तौर पर कह दिया गया है, वह उनकी सलाह अपने तक ही सीमित रखें। हरीश ने कहा कि पार्टी लाइन से बाहर किसी को भी बात नहीं करनी चाहिए। इससे बयानबाजी करने वाले और पार्टी दोनों को ही नुकसान होता है।
पार्टी हाईकमान से मिलकर करेंगे बात
हरीश रावत ने कहा कि इन विधायकों ने आश्वासन दिया है कि वह पार्टी की एकता को बनाए रखेंगे और उनका पार्टी हाईकमान पर पूरा भरोसा है। विधायकों की जो चिंताएं हैं, उन्हें वह खुद पार्टी हाईकमान से मिलकर बताएंगे। अगर कहीं पार्टी में थोड़ा डैमेज हुआ भी होगा तो उसकी पूर्ति का रास्ता भी इन्हीं विधायकों में से निकलेगा।