मंगलौर में प्रधानमंत्री योजना के तहत सरकार ने दो महीने का मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है, लेकिन मुफ्त राशन बांटने को लेकर राशन डीलर खुश नहीं है। राशन डीलरों ने बैठक कर कहा कि उन्हें पिछले वर्ष बांटे गए राशन का किराया भाड़ा व किसी भी प्रकार का कोई लाभांश अभी तक नहीं मिला है, जिस कारण राशन डीलर मुफ्त खाद्यान्न को बांटने से कतरा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को राशन डीलरों ने बैठक कर सरकार की ओर से मई और जून के लिए दिए गए मुफ्त खाद्यान्न को नहीं बांटने का निर्णय लिया है। राशन डीलरों का कहना है कि कोरोना महामारी में वह इस बार राशन नहीं बांट पाएंगे, क्योंकि इससे वायरस फैलने का खतरा है। उत्तरांचल उचित दर विक्रेता के अध्यक्ष खुशनसीब आलम ने कहा कि इस समय देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कहर ढा रही है।
ऐसे में प्रधानमंत्री ने दो महीने का मुफ्त राशन दिया गया है। बीते साल भी करीब 6 महीने तक उन्होंने मुफ्त राशन बांटा था, जिसका अभी तक कोई लाभांश व भाड़ा नहीं मिला है। राशन डीलर कई बार उच्चाधिकारियों व सरकार को भी अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका भुगतान नहीं किया गया है। महामंत्री शोभित गुप्ता ने बताया कि सरकार मुफ्त राशन बांटने के लिए उचित दर विक्रेताओं का शोषण कर रही है।
मुफ्त राशन में उचित दर विक्रेताओं को किराया भी अपनी जेब से लगाना पड़ रहा है, जिसका सरकार कोई भी भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सरकार ने उनका पिछले वर्ष का मुफ्त राशन का भुगतान नहीं किया तो, राशन विक्रेता इस बार निशुल्क खाद्यान्न नहीं बाटेंगे।