दून में चेकिंग के दौरान सोमवार रात तेजरफ्तार बाइक की टक्कर से घायल पंडितवाड़ी चौकी प्रभारी देवी प्रसाद बहुगुणा ने मंगलवार को दम तोड़ दिया।
बुधवार की सुबह मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मृत दारोगा को श्रद्घांजलि दी और उनकी पत्नी को पुलिस में नौकरी दिलाने के लिए जीओ बदलने का आश्वासन दिया।
पार्थिव देह को पुलिस महानिदेशक ने दी श्रद्घांजलि
सिर में गंभीर चोट के कारण उन्हें अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया था। पुलिस लाइन में पार्थिव देह को पुलिस महानिदेशक समेत साथी पुलिसकर्मियों ने श्रद्धांजलि दी।
मूल रूप से उत्तरकाशी के धौतरी निवासी पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) देवी प्रसाद बहुगुणा (38) कैंट कोतवाली की पंडितवाड़ी चौकी के प्रभारी थे। सोमवार रात वह चौकी के बाहर पुलिस टीम संग वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार पल्सर बाइक ने रोकने की कोशिश पर बहुगुणा को जोरदार टक्कर मार दी थी।
टक्कर लगते ही बहुगुणा मुंह के बल सड़क पर गिर गए। उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। साथियों ने बहुगुणा को सिनर्जी अस्पताल पहुंचाया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगलवार दोपहर दो बजे बहुगुणा का निधन हो गया।
जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए पुलिस लाइन लाया गया। वहां पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू, पुलिस महानिरीक्षक अन्वेषण जीएन गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, क्षेत्राधिकारी मनोज कात्याल, विभिन्न थाना प्रभारियों और जवानों ने श्रद्धांजलि और अंतिम सलामी दी।
परिजनों में कोहराम
बहुगुणा का परिवार दून में ही कोतवाली स्थित आवासीय कालोनी में रहता है। पुलिस लाइन से शव आवास में लाया गया तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल था।
बहुगुणा अपने पीछे पत्नी भारती और आठ वर्षीय बेटे आदि को छोड़ गए हैं। 1976 में जन्मे बहुगुणा वर्ष 2002 में पुलिस में भर्ती हुए थे। उनके छोटे भाई हरिओम बहुगुणा अगस्त्यमुनि महाविद्यालय में प्राध्यापक (प्रोफेसर) हैं।
बाइकसवार भी अस्पताल में
जिस पल्सर बाइक ने बहुगुणा को टक्कर मारी थी, उस पर सवार दोनों नाबालिग भी सड़क पर जा गिरे थे। इन दोनों को भी पुलिस अभिरक्षा में सिनर्जी में भर्ती कराया गया है। वहां एक की हालत नाजुक बनी हुई है। उसके पिता एफआरआई में चालक हैं।
तीसरा हादसा ले गया जिंदगी
पुलिस में 11 साल की नौकरी के दौरान हादसों ने देवी प्रसाद का पीछा नहीं छोड़ा। हरिद्वार में छात्रों के उग्र आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी।
इसके बावजूद उन पर ही मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके खिलाफ पत्नी भारती हाईकोर्ट तक पहुंची थी। कुछ समय पूर्व दून के कोतवाली क्षेत्र में तैनाती के दौरान पलटन बाजार से अतिक्रमण हटवाते समय उनके पैर की हड्डी टूट गई थी। ड्यूटी के दौरान हुए तीसरे हादसे ने उनकी जिंदगी ही छीन ली।
एक नासमझी तीन जान पर भारी
बच्चों की गैरवाजिब जिद पूरा करना कितना घातक हो सकता है, यह चौकी प्रभारी देवी प्रसाद बहुगुणा के मामले में देखा जा सकता है। बड़ों की नासमझी ने न केवल एक दारोगा की जान ले ली, बल्कि तेज रफ्तार किशोर बाइक सवार भी अस्पताल में मौत से जूझ रहे हैं।
बिना हेलमेट पहने बाइक चला रहे इन किशोरों ने पुलिस जांच से बचने के लिए बाइक की रफ्तार इतनी बढ़ा दी थी कि वह बेकाबू हो गई। दारोगा को तो कुचला ही, खुद भी दूर तक घिसटते चले गए।
एक संस्थान के इंटर में पढ़ने वाले बेटे ने इसी माह जिद करके नई पल्सर बाइक खरीदी थी। सोमवार रात वह दोस्त के साथ प्रेमनगर गया था। रात में दोनों बिना हेलमेट बाइक से लौट रहे थे। कैंट इंस्पेक्टर हरीश मेहरा की मानें तो बाइक तेज गति से चल रही थी। चलाने वाले के पास लाइसेंस नहीं था।
पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हाथ दिया तो उन्होंने भागने की कोशिश की। इसी फेर में सड़क किनारे खड़े पंडितवाड़ी चौकी प्रभारी देवी प्रसाद बहुगुणा को सीधी टक्कर मार दी। असंतुलित होने से वह बाइक समेत सड़क पर घिसटते चले गए। अब अस्पताल में दोनों की स्थिति चिंताजनक है।
चालक के खिलाफ मुकदमा
चौकी प्रभारी देवी प्रसाद बहुगुणा की मौत के मामले में कैंट कोतवाली में बाइक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा सिपाही संदीप कुमार की तरफ से दर्ज कराया गया है। हालांकि, अभी तक चालक का नाम नहीं स्पष्ट है। सीओ सिटी मनोज कात्याल का कहना है कि विवेचना में चालक का नाम आएगा। अभी दोनों घायल कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं।