छात्रा रेप-हत्याकांड के गुनाहगारों की पहचान को एक लाख के इनाम के पैंतरे की योजना भी धड़ाम होती दिख रही है।
तीन दिन गुजरने पर भी सीओ कनखल के सार्वजनिक किए गए मोबाइल फोन नंबर एक कॉल भी नहीं आई है। पुलिस भी अपनी नई रणनीत के कारगर साबित न होने पर हैरान परेशान है।
नहीं दिख रहा हल
सात जनवरी को हुए जघन्य हत्याकांड के खुलासे से पुलिस कोसों दूर खड़ी दिखाई दे रही है। मैनुअल कोशिश भी असफल रही है और वैज्ञानिक पद्धति से छात्रा हत्याकांड के खुलासे में वक्त लगना तय है।
हत्याकांड के खुलासे को बैचेन पुलिस महकमे ने इनाम का पासा फेंका था। सोचा था कि इनाम के लालच में कोई न कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।
बकायदा गांव-गांव में पंपलेट चस्पा किए थे और सीओ कनखल चन्द्रमोहन सिंह नेगी का प्राईवेट मोबाइल फोन नंबर सार्वजनिक किया गया था।
पुलिस ने जब से ये रणनीत अपनाई है तब से एक भी कॉल नहीं आई, जिससे कि पुलिस को सफलता मिल पाए। सीओ चन्द्रमोहन सिंह नेगी ने खुद स्वीकारा कि, उनको किसी की कॉल नहीं आई है।
टीस लेकर स्कूल लौटा भाई
बहन की यादों के साथ मृतक छात्रा का भाई वापस आवासीय विद्यालय लौट गया है। दो छोटे भाई भी गांव की पाठशाला में हाजिरी लगा रहे हैं। पर बेटी के गम में पिता पूर तरह बिखर चुके हैं।
साथ-साथ आया था घर
बेरहमी से कत्ल कर दी गई सातवीं कक्षा की छात्रा का बड़ा भाई भी उसी आवासीय विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र है। दोनों छुट्टियों में साथ-साथ ही घर लौटे थे, पर भाई ने ये कभी सोचा न होगा कि अबकि उसे अकेले ही छुट्टियां बीताकर स्कूल लौटना होगा।
कातिलों की गिरफ्तारी न होने की टीस मन में लिए भाई को विद्यालय के लिए रवाना होना पड़ा। भाई की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। वहीं माता-पिता दोनों बुरी तरह टूट चुके हैं। वे न किसी से मिलना जुलना पसंद कर रहे थे न ही घर से बाहर कदम निकाल रहे हैं।
पंपलेट चस्पा करने का कार्य जारी
गांव-गांव में इनाम के पंपलेट चस्पा करने का कार्य जारी है। छात्रा के गांव के अलावा आस पास के सभी गांवों में पुलिस ने एक्सरसाइज तेज कर दी है। यही नहीं हरिद्वार लक्सर मार्ग पर दौड़ने वाले प्राईवेट वाहन भी पंपलेट चस्पा किए जा रहे हैं।