दुनिया में किसी भी जगह में पर्यटन तब तक नहीं बढ़ सकता जब तक वहां सहूलियत न हो। पहले सरकार में जो रहे उन्होंने इस बारे में नहीं सोचा। आज उत्तराखंड में जो नई सड़कें बन रही हैं, नए रेल रूट बन रहे हैं वे अपने साथ दुनियाभर के नए टूरिस्ट को लेकर आएंगे। आज उत्तराखंड में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ी है जगह-लगह टावर लग रहे हैं, जो मेडिकल सुविधाएं बढ़ रही हैं वह यहां आने वाले पर्यटकों को भरोसा बढ़ाएगा। इसका सबसे ज्यादा लाभ उत्तराखंड के युवाओं को होने वाला है।
केदारनाथ और काशी विश्वनाथ धाम पर
उत्तराखंड के लोग गवाह है कि जब केदारनाथ जी के दर्शन के लिए सुविधाएं बढ़ीं तो वहां जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी। सारे रिकॉर्ड टूट गए। आज विश्व देख रहा है। काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद वहां भी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
ग्रामीण जनता के हाल पर
सच्चाई यह है कि जो पहले सरकार में थे, उन्होंने उत्तराखंड के सामर्थ्य की कभी परवाह नहीं की। परिणाम यह हुआ कि न तो हमें पर्याप्त बिजली मिली, न किसानों के खेतों को सिंचाई मिली और देश की अधिकतर ग्रामीण आबादी को पाइप से शुद्ध पानी के अभाव में जिंदगी गुजारनी पड़ी।
पर्यावरण की रक्षा और प्राकृतिक सामर्थ्य पर
बीते सालों से भारत अपने पर्यावरण की रक्षा भी कर रहा है और अपने प्राकृतिक सामर्थ्य का सही इस्तेमाल करने में भी जुटा है। आज जो प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं वह उत्तराखंड की पहचान पावर सरप्लस स्टेट के रूप में सशक्त करेंगे ही यहां के किसानों को सिंचाई की पर्याप्त सुविधा भी देंगे। यह बिजली हमारे उद्योगों, स्कूलों-कॉलेजों अस्पतालों और यह परिवार को मिलेगी।
स्थानीय स्तर पर नई संभावनाओं पर
आज विकास की योजनाओं में जितना पैसा डबल इंजन की सरकार खर्च कर रही है वह पहले नहीं हुआ। जब सड़केंबनती हैं, प्रधानमंत्री आवास बनते हैं, रेल के नए रूट बनते हैं वहां हमारे उद्यमियों के लिए नई संभावनाएं बनती हैं। कारोबारियों को अवसर मिलता है। विकास की ये योजनाएं आज रोजगार के अवसर बना रहीं हैं।
कुमाऊंनी से भाषण शुरू, कुमाऊंनी में ही खत्म
शुरुआत: गोलज्यू की यह पवित्र धरती कुमाऊं में आपूं सबै भाई बैंणिन कें म्योर शत शत नमस्कार, सबै नानतिनान कैं म्योर प्यार आशीष। (गोलज्यू की इस पवित्र धरती कुमाऊं में आप सभी भाई और बहनों को मेरा शत-शत नमस्कार। सभी बच्चों को मेरा प्यार आशीष।)
समापन: पोरू बटि साल 2022 उनेर छ । आपूं सब उत्तराखंडीन कैं नई सालै बधै ऊंण साथै घुघुती त्यारैकि लेक बधै। (परसों से साल 2020 शुरू हो रहा है। आप सभी उत्तराखंड के लोगों को नए साल की बधाई साथ ही घुघुती त्योहार की भी बधाई।)
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को सम्मान के साथ विकास कार्यों के जरिये प्रदेश की तस्वीर बदलने का भी काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ताबड़तोड़ विकास कार्यों से कांग्रेस बौखला गई है। उत्तराखंड की जनता इसे सदैव याद रखेगी। उन्होंने कहा कि मोदी ने उत्तराखंड से आध्यात्मिक लगाव बताकर जहां राज्य को सम्मान दिया, वहीं विकास के लिए एक लाख करोड़ से अधिक की योजना मुहैया कर राज्य में विकास के कई आयाम स्थापित किए। उन्होंने कहा कि देहरादून रैली के बाद हल्द्वानी में 17500 करोड़ से अधिक की योजनाओं से कुमाऊं क्षेत्र में विकास कार्यों को बल मिलेगा।
पीएम का उत्तराखंड दौरा निराशाजनक : कोठियाल
आप के सीएम उम्मीदवार कर्नल कोठियाल (सेनि) ने पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे को निराशावादी करार दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता जुमलेबाजी में सबसे आगे हैं। देश के पीएम नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड की जनता से कई वादे किए थे, लेकिन आजतक वो वादे पूरे नहीं हो पाए हैं। आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्द्वानी में उत्तराखंड की जनता को 17,500 करोड़ का एक और झुनझुना पकड़ा दिया, जिसमें उन्होंने 23 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर बीजेपी में सिर फुटव्वल की स्थिति बनी हुई है तो दूसरी ओर उस पर पर्दा डालकर बीजेपी के नेता जनता को बरगला अपनी झूठी नीतियों से रूबरू कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के संबोधन में पीएम मोदी को उत्तराखंड में टूरिज्म, किसान, सेना, युवा और प्रदेश की समस्याएं याद आ रही हैं, लेकिन आखिरकार उन्हें जनता को यह बताना चाहिए था कि जब उनकी सरकार का कार्यकाल बहुत बढ़िया रहा तो उन्होंने प्रदेश में तीन-तीन मुख्यमंत्री क्यों बदले। पहले भी पीएम मोदी ने उत्तराखंड के लिए कई हजार करोड़ की घोषणा की, लेकिन जनता आज उन पैसों का हिसाब मांग रही है। कर्नल कोठियाल ने कहा कि ये रैली पूरी तरह चुनावी वादों की रैली थी, जिसका जनता से कोई सरोकार नहीं है।
पुरानी घोषणाओं की नई पैकेजिंग कर गए मोदी : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हल्द्वानी दौरे को बेहद निराशाजनक बताया और इसे पुरानी घोषणाओं की नई पैकेजिंग करार दिया। उन्होंने कहा कि मोदी को केवल पैकेजिंग में ही महारत हासिल है। इससे अधिक उनसे उम्मीद भी नहीं की जानी चाहिए। आज नए सिरे से घोषित की गई 17500 करोड़ रुपये की घोषणाओं में नौ हजार करोड़ रुपये इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बताए गए हैं, जबकि इनका ढोल इतनी बार पीटा जा चुका है कि अब ढोल की पोल खुलने लगी है। टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन का प्रचार इतनी बार हो चुका है कि अब जनता का भरोसा भी उठने लगा है। यही बात लखवाड़ परियोजना की भी है।