खेतार कन्याल गांव का भौगड़ा तोक अब रहने लायक नहीं है। यहां की जमीन लगातार खिसक रही है। यह कहना है कि भूगर्भ वैज्ञानिक प्रदीप कुमार का। उन्होंने तोक का दौरा कर प्रशासन से सिफारिश की कि गांव के परिवारों को जल्द से जल्द अन्यत्र विस्थापित कर दिया जाए।
तहसील प्रशासन, कृषि विभाग और भूगर्भ वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने संयुक्त रूप से भौगड़ा तोक का निरीक्षण किया। इस गांव में पांच परिवार रहते हैं। भूगर्भ वैज्ञानिक ने बताया कि आने वाले समय में भौगड़ा में जमीन का टिकना संभव नहीं होगा। पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने के साथ अन्य जगह बसाने की कवायद की जाएगी।
उन्होंने राजस्व उपनिरीक्षक धनीलाल से पीड़ित परिवारों के लिए जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि विभाग के एडीओ अनुज कुमार से जल्द ही कृषकों को फसलों का मुआवजा देने को कहा। इस दौरान खेतार कन्याल के प्रधान महेश सिंह कन्याल मौजूद रहे।
डर के साये में जी रहे ग्रामीण
भौगड़ा तोक में इस समय पांच परिवार हैं। इन परिवारों के मुखिया चंचल सिंह, खुशाल सिंह, महिमन सिंह, हरीश सिंह, महेश सिंह ने कहा जिला प्रशासन त्वरित कदम उठाए। वे लोग लोग डर के साये में रहने को मजबूर हैं। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। यह सोचकर रात को भी नींद नहीं आती है।