उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के माध्यम से सरकारी विभागों में केवल पूर्व सैनिकों की भर्ती होगी। सरकार ने निगम की भर्ती प्रक्रिया पर कैंची चलाते हुए गैर पूर्व सैनिकों के साथ वीर नारियों और पूर्व सैनिक आश्रितों को बाहर कर दिया है। बृहस्पतिवार को शासन ने निगम के माध्यम से होने वाली भर्तियों को लेकर नए सिरे से शासनादेश जारी कर दिया।
उपनल में लंबे समय से आउटसोर्सिंग पर होने वाली भर्तियों में सरकार ने पूर्व सैनिकों और आश्रितों को तरजीह देने के साथ गैर पूर्व सैनिकों को शासकीय विभागों, निगमों, संस्थानों और स्थानीय निकायों में नियुक्त करने की व्यवस्था बनाई थी। कांग्रेस सरकार के ही कार्यकाल में इस व्यवस्था को बनाया गया।
इसके बाद वर्ष 2013 में सरकार ने आउटसोर्सिंग की भर्ती पर आरक्षण नियमावली भी प्रभावी कर दी। लेकिन, राष्ट्रपति शासन के दौरान हुई सचिव समिति की बैठक में सचिवों ने उपनल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया। आउटसोर्र्सिंग के माध्यम से होने वाली नियुक्त में गैर पूर्व सैनिकों को रखे जाने पर आपत्ति जताई गई। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की कार्यदक्षता, उनका स्थानांतरण नहीं किए जाने जैसी समस्याओं को आधार बनाकर उपनल को केवल पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए जाने पर सहमति बनी।