स्टील फर्म ने अधिकतर माल की आपूर्ति दिल्ली स्थित फर्मों से दिखाई है। अधिकारियों की टीम अब दिल्ली भी जाएगी। जांच में भी अधिकारियों ने खासी मशक्कत की। अपर आयुक्त राकेश टंडन खुद मौके पर मौजूद रहे। संयुक्त आयुक्त नवीन चंद्र जोशी के नेतृत्व में करीब दर्जन भर अधिकारियों ने सुबह नौ बजे से लेकर रात नौ बजे तक जांच की। उपायुक्त वीपी सिंह, सहायक आयुक्त विनय पांडे, मानवेंद्र सिंह, अवनीश पांडे, विनोद कुमार, अशोक कुमार, अविनाश झा, विध्यांचल कुमार, शिखा तोमर, रघुवीर सिंह आदि टीम में शामिल थे।
8500 करोड़ के फर्जी ई वे बिल की याद ताजा
इस मामले के पकड़ में आने से काशीपुर में 8500 करोड़ रुपये के फर्जी ई वे बिल का मामले की याद भी ताजा हो गई। इस मामले में करीब 70 फर्मों ने फर्जी फर्मों से व्यापार दिखाया था और करीब 8500 करोड़ रुपये के ई वे बिल बनाकर आईटीसी क्लेम किया था। इन फर्माें का व्यापार भी दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों से दिखाया गया था। राज्य कर विभाग ने इसके बाद कई जगह छापे मारे थे।
अन्य फर्में भी रडार पर
- राज्य कर अधिकारियों के मुताबिक अब कर चोरी के मामलों को लेकर जांच तेज की जाएगी। इस समय कई और फर्मों को टटोला जा रहा है।