वृद्धा अकेली रहती थी लेकिन खाना करीब तीन लोगों का बना हुआ था। खाना खाया नहीं गया था। फ्रिज के सामने पानी की एक बोतल पड़ी हुई थी। इन सब बातों से लग रहा है कि मकान में उस वक्त मौजूद रहे लोगों को भी इस खाने को वृद्धा के साथ ही खाना था। लेकिन, हत्यारा परिचित है तो अभी तक हत्या का उद्देश्य समझ नहीं आ रहा है। अभी तक परिवार या रिश्तेदारों के बीच किसी विवाद का भी पता पुलिस को नहीं लग पाया है। ऐसे में उन्हें कोई परिचित मारेगा तो क्यों? इस सवाल का जवाब ढूंढने में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है।
इधर, लूट के इरादे से हत्या होना भी अभी तक साफ नहीं हो पाया है। इसका कारण है कि बहुत सी कीमती चीजें मौके पर ही पड़ी हुई थीं। ऐसे में यदि लूट के इरादे से कोई मारेगा तो इन चीजों को भी वहां से ले जाता। यह बात भी समझ से परे है कि 75 वर्ष की महिला किसी लुटेरे का विरोध करने में तो असमर्थ थी, ऐसे में उन्हें मारने की क्या जरूरत आ गई। जबकि, कमलेश चलती भी छड़ी के माध्यम से थीं।