फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

kamlesh Murder Case: पुलिस को दो सवालों के जवाब की तलाश, एक भी मिले तो खुल जाए राज

Sun, 05 Mar 2023 08:43 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

शनिवार को पटेलनगर थाना क्षेत्र के भंडारी बाग स्थित एक मकान में 75 वर्षीय वृद्धा कमलेश धवन का शव मिला था। उनके गले और कंधे पर धारदार हथियार से वार किया गया था।
विज्ञापन
कमलेश हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भंडारी बाग में कमलेश धवन हत्याकांड में पुलिस को दो सवालों के जवाब की दरकार है। कमलेश को मारने वाले परिचित हैं तो पुलिस को अभी मोटिव यानी उद्देश्य का पता नहीं चल पाया है। यदि लूट के इरादे से हत्या की गई है तो वहां से लूटा क्या-क्या गया है, यह जानकारी भी पुलिस को किसी ने नहीं दी है।

Murder In Dehradun: घावों की गहराई बता रही हत्यारे की बर्बरता, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आई चौंकाने वाली बातें

इन दोनों सवालों में से किसी एक का भी पुलिस को जवाब मिल गया तो खुलासा आसानी से हो सकता है। फिलहाल, एसओजी समेत नौ टीमें विभिन्न बातों को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई हैं। गत शनिवार को पटेलनगर थाना क्षेत्र के भंडारी बाग स्थित एक मकान में 75 वर्षीय वृद्धा कमलेश धवन का शव मिला था।

विज्ञापन


उनके गले और कंधे पर धारदार हथियार से वार किया गया था। मौके के हालात और वहां पड़ी चीजों से पुलिस ने जो आकलन लगाया उससे लग रहा है कि कमलेश के किसी जानने वाले ने ही हत्या की है।

विज्ञापन

वृद्धा अकेली रहती थी लेकिन खाना करीब तीन लोगों का बना हुआ था। खाना खाया नहीं गया था। फ्रिज के सामने पानी की एक बोतल पड़ी हुई थी। इन सब बातों से लग रहा है कि मकान में उस वक्त मौजूद रहे लोगों को भी इस खाने को वृद्धा के साथ ही खाना था। लेकिन, हत्यारा परिचित है तो अभी तक हत्या का उद्देश्य समझ नहीं आ रहा है। अभी तक परिवार या रिश्तेदारों के बीच किसी विवाद का भी पता पुलिस को नहीं लग पाया है। ऐसे में उन्हें कोई परिचित मारेगा तो क्यों? इस सवाल का जवाब ढूंढने में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है।

इधर, लूट के इरादे से हत्या होना भी अभी तक साफ नहीं हो पाया है। इसका कारण है कि बहुत सी कीमती चीजें मौके पर ही पड़ी हुई थीं। ऐसे में यदि लूट के इरादे से कोई मारेगा तो इन चीजों को भी वहां से ले जाता। यह बात भी समझ से परे है कि 75 वर्ष की महिला किसी लुटेरे का विरोध करने में तो असमर्थ थी, ऐसे में उन्हें मारने की क्या जरूरत आ गई। जबकि, कमलेश चलती भी छड़ी के माध्यम से थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें