आरोपी 2016 से रह रहा है भारत में
आरोपी वर्ष 2016 से भारत में रह रहा है। वह सबसे पहले टूरिस्ट वीजा पर भारत आया। इसके बाद वर्ष 2020 में उसे विदेशी अधिनियम के तहत तिहाड़ जेल भेजा गया। वहां से रिहा होने के बाद वह फिर से दिल्ली में रहने लगा था। हालांकि पुलिस को उसके पास से पासपोर्ट और वीजा नहीं मिला है।
चार राज्यों के लोगों के साथ कर चुका है ठगी
दबिश के दौरान पुलिस को आरोपी के ई-मेल से पता चला कि उसका हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और तेलंगाना के लोगों के साथ संपर्क है। पुलिस का कहना है कि आरोपी साइबर ठगी का मास्टरमाइंड है और वह इन सभी राज्यों के लोगों के साथ भारी रकम ठग चुका है। उसके बारे में और जानकारियां जुटाई जा रहीं हैं।
व्हाट्सएप कॉल से चलता है ठगी का सिलसिला
साइबर ठग पहले ई-मेल के माध्यम से लोगों को लुभावने ऑफर भेजते हैं। झांसे में आ जाने के बाद व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से लोगों से लगातार तरह-तरह के शुल्क के नाम पर ठगी करते हैं। इसी तरह यह आरोपी भी बैंक मैनेजर के साथ लगातार ठगी कर रहा था।
रकम ट्रांसफर कर भेजता है नाईजीरिया
पुलिस की गिरफ्त में आया नाईजीरियाई मूल का आरोपी ठगी से कमाई हुई रकम नाईजीरिया भेज रहा था। एसएचओ ने बताया कि भारत के लोगों से ठगी करने के बाद ये लोग रकम का कुछ हिस्सा नाईजीरिया स्थित अपने घर में मनी ट्रांसफर के माध्यम से भेजते हैँ। पुलिस को आरोपी के पास इससे संबंधित साक्ष्य भी मिले हैं।
फ्लैट में मिले शानोशौकत के सारे सामान
रुद्रपुर। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने फ्लैट में अकेले रह रहा था। उसके फ्लैट में 15 जोड़ी महंगे व ब्रांडेड जूते, महंगी टी-शर्ट, एलईडी टीवी, मोबाइल में कई नाईजीरियाई युवतियों के नंबर थे। आरोपी शराब पीने का शौकीन है और ठगी से हासिल रुपयों से महंगी शराब पीता था था। उसके कमरे से ब्रांडेड शराब की बोतलें भी मिलीं हैं।