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Uttarakhand: अब बॉन्ड बेचकर विकास के लिए फंड जुटाएंगे नगर निगम, शहरी विकास निदेशालय कराएगा क्रेडिट रेटिंग

Sat, 21 May 2022 05:48 PM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत , अमर उजाला, देहरादून

सार

नगर निगम अहमदाबाद ने देश में पहली बार बॉन्ड बेचकर वर्ष 1998 में 100 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद से लगातार अहमदाबाद पैसा जुटा रहा है। अब हालात यह हो चुुके हैं कि अहमदाबाद की कमाई एक हजार करोड़ रुपये तक पहुंच रही है। 
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फंड - फोटो : istock
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विस्तार
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नगर निगमों में आय के कम स्रोत, वेतन के लाले, सरकार से मिलने वाले बजट पर निर्भरता की परेशानी अब खत्म होने जा रही है। शहरी विकास निदेशालय प्रदेश के आठ नगर निगमों की क्रेडिट रेटिंग कराने जा रहा है। इस आधार पर अब प्रदेश के नगर निगम भी शहरों के विकास के लिए बॉन्ड बेचकर फंड जुटाएंगे।
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उत्तराखंड में लगातार नगर निकायों में कम आय और ज्यादा खर्च की वजह से सरकार पर बोझ बने रहने की बात चर्चाओं में रहती है। नगर निगम हों या नगर पालिका, नगर पंचायतें, सभी जगह कम आय होने की वजह से विकास कार्य प्रभावित होने के साथ ही कर्मचारियों के वेतन, पेंशन व अन्य खर्चों के लिए भी सरकार का मुंह ताकना पड़ रहा है।

इस समस्या से निजात दिलाने के लिए शहरी विकास निदेशालय नगर निगमों की क्रेडिट रेटिंग कराने जा रहा है। इस रेटिंग के आधार पर नगर निगम अपने बांड जारी करेंगे और इससे जुटने वाले फंड से शहर का विकास करेंगे। जो लोग यह बॉन्ड खरीदेंगे, उन्हें निगम एक निर्धारित समयावधि के बाद निर्धारित ब्याज दर के साथ वह पैसा लौटाएंगे। 
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अहमदाबाद ने 1998 में की थी शुरुआत

नगर निगम अहमदाबाद ने देश में पहली बार इस तरह के बांड बेचकर वर्ष 1998 में 100 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद से लगातार अहमदाबाद पैसा जुटा रहा है। अब हालात यह हो चुुके हैं कि अहमदाबाद की कमाई एक हजार करोड़ रुपये तक पहुंच रही है। 

 
इन नगर निगमों की होगी क्रेडिट रेटिंग
नगर निगम देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, काशीपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी, ऋषिकेश और कोटद्वार।

ये होती है क्रेडिट रेटिंग
नगर निगम की पूरी परिसंपत्तियों, आय-व्यय, पिछले वर्षों के टैक्स कलेक्शन से लेकर अन्य माध्यमों (केंद्र पोषित योजनाओं) से आई हुई रकम, निगम की देनदारियों के आधार पर उस निगम की एक क्रेडिट रेटिंग की जाती है। जिस तरह आम व्यक्ति की सिबिल रिपोर्ट के आधार पर बैंक तय करते हैं कि उस पर भरोसा करते हुए लोन दिया जा सकता है या नहीं, उसी तरह इस क्रेडिट रेटिंग से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सा नगर निगम किस स्तर तक आपके पैसे को सुरक्षित रखते हुए उस पर ब्याज दे सकता है।

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अहमदाबाद, नोएडा शहर की तर्ज पर उत्तराखंड के नगर निगमों में भी क्रेडिट रेटिंग शुरू होने जा रही है। रेटिंग करने वाली एजेंसी सभी निगमों की जांच पड़ताल के बाद रेटिंग देगी। इस आधार पर निगम अपने बांड बेचकर पैसा जुटाएंगे। - डॉ. ललित मोहन रयाल, निदेशक, शहरी विकास
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