नगर निगम अहमदाबाद ने देश में पहली बार इस तरह के बांड बेचकर वर्ष 1998 में 100 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद से लगातार अहमदाबाद पैसा जुटा रहा है। अब हालात यह हो चुुके हैं कि अहमदाबाद की कमाई एक हजार करोड़ रुपये तक पहुंच रही है।
इन नगर निगमों की होगी क्रेडिट रेटिंग
नगर निगम देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, काशीपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी, ऋषिकेश और कोटद्वार।
ये होती है क्रेडिट रेटिंग
नगर निगम की पूरी परिसंपत्तियों, आय-व्यय, पिछले वर्षों के टैक्स कलेक्शन से लेकर अन्य माध्यमों (केंद्र पोषित योजनाओं) से आई हुई रकम, निगम की देनदारियों के आधार पर उस निगम की एक क्रेडिट रेटिंग की जाती है। जिस तरह आम व्यक्ति की सिबिल रिपोर्ट के आधार पर बैंक तय करते हैं कि उस पर भरोसा करते हुए लोन दिया जा सकता है या नहीं, उसी तरह इस क्रेडिट रेटिंग से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सा नगर निगम किस स्तर तक आपके पैसे को सुरक्षित रखते हुए उस पर ब्याज दे सकता है।
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अहमदाबाद, नोएडा शहर की तर्ज पर उत्तराखंड के नगर निगमों में भी क्रेडिट रेटिंग शुरू होने जा रही है। रेटिंग करने वाली एजेंसी सभी निगमों की जांच पड़ताल के बाद रेटिंग देगी। इस आधार पर निगम अपने बांड बेचकर पैसा जुटाएंगे।
- डॉ. ललित मोहन रयाल, निदेशक, शहरी विकास