इस व्यवस्था के तहत 1 जनवरी, 2019 को 12 वर्ष की सेवाएं पूरी करने वाले वर्ष 2006 बैच के चार आईएएस आशीष जोशी, चंद्रेश कुमार यादव, ब्रिजेश संत और भोपाल सिंह मनराल शामिल हैं। आईएएस चंद्रेश को छोड़ अन्य तीन अधिकारियों का पदोन्नति के लिए रास्ता साफ है।
चूंकि, चंद्रेश एनएच 74 भूमि अधिग्रहण घोटाले के आरोपी हैं और उनके खिलाफ आईएएस शैलेश बगोली जांच कर रहे हैं। ढाई माह के निलंबन के बाद बहाल होने के बावजूद उन्हें अभी क्लीन चिट नहीं मिली है।
जांच के लिए समयावधि दो माह है, जिसके बाद जांच रिपोर्ट का परीक्षण होना है। ऐसे में 1 जनवरी से प्रभारी सचिव बनने वालों की सूची से चंद्रेश बाहर रहेंगे।