रोहित शेखर ने 2008 में दावा किया कि एनडी तिवारी उनके जैविक पिता हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर हुए डीएनए परीक्षण में रोहित का दावा सही साबित हुआ।
इस दौरान उन्होंने मीडिया से उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की। इसके बाद 2014 में उन्होंने 88 वर्ष की उम्र में रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा से लखनऊ में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी की। उनकी पहली पत्नी सुशीला सांवल की 1993 में मृत्यु हो गई थी।
पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के निधन को एक युग की समाप्ति का अंत बताते हुए संत समाज सहित अन्य संगठनों ने उनके निधन पर शोक जताया है।
समाजसेवी एवं शिक्षाविद यूसी जैन ने तिवारी के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि एनडी तिवारी चाहे केंद्र में मंत्री रहे हों या फिर यूपी और उत्तराखंड में मुख्यमंत्री। उन्होंने विकास को समर्पित अपनी सोच से विकास का नया अध्याय लिखा। वह कहते थे कि यदि सड़कें नहीं होंगी तो विकास नहीं हो सकेगा।
इसलिए जहां जहां भी उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र स्थापित की वहां पहले सड़कों का निर्माण किया। संत समाज की बैठक में महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, स्वामी ऋषिश्वरानंद, बाबा हठयोगी आदि ने नारायण दत्त तिवारी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि विकास का मार्ग तय करने में एनडी तिवारी की भूमिका अहम रही।
विकास पुरुष नारायण दत्त तिवारी का पौड़ी से खासा लगाव रहा है। मुख्यमंत्री रहते उन्होंने पौड़ी में आयोजित समारोह में साढ़े चार करोड़ की लागत से बस अड्डे की घोषणा की थी।
पूर्व सभासद धर्मवीर सिंह रावत के मुताबिक वह ग्रीष्म उत्सव में पौड़ी आए थे। उन्होंने बस अड्डे के लिए ढाई करोड़ रुपये भी जारी किए, लेकिन बाद की सरकारों ने इस पर काम नहीं किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कामेश्वर राणा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी कई कार्यक्रमों में पौड़ी आए।