औली में हुए राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों में प्रतिभाग करने वाले स्थानीय खिलाड़ियों के साथ ही दूसरे राज्य के खिलाड़ी भी औली स्लोप से प्रभावित दिखे। स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि औली का स्लोप देश के सबसे बेहतर स्लोप में से एक है। यहां पर स्कीइंग करना शानदार अनुभव रहा है।
कई सालों से स्कीइंग की तैयारी कर रही थीं। इस साल स्वर्ण जीतने में सफलता मिली है। यहां का स्लोप काफी बेहतर है, जिससे अच्छी प्रैक्टिस हो जाती है। इस साल अच्छी बर्फ पड़ी तो बर्फ पड़ने के साथ ही हमने तैयारी शुरू कर दी थी, जिसके चलते यह सफलता मिली है।
- मानसी फरस्वाण स्वर्ण पदक विजेता उत्तराखंड।
हम हिमाचल में तैयारी करते रहते हैं। पूरा फोकस स्कीइंग पर रखते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्कीइंग कर चुकी हूं। औली का स्लोप हिमाचल से बेहतर है। मैंने कई जगह पर स्कीइंग की है, लेकिन औली जैसा स्लोप नहीं देखा है। यहां पर तैयारी करने के लिए अच्छा स्कोप है।
- आंचल ठाकुर, स्वर्ण पदक विजेता हिमाचल।
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- पहले लकड़ी के स्की से तैयारी शुरू की थी। बाद में उपकरणों के साथ तैयारी की। सरकार यदि प्रोत्साहन देते हुए यहां बेहतर उपकरण उपलब्ध कराए तो यहां के खिलाड़ी और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। तैयारी में संसाधनों का अभाव खलता है।
- महक कवांण, स्वर्ण पदक विजेता उत्तराखंड।
पहली बार स्नोबोर्ड में महिला खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिला है। हिमाचल में अपने पुरुष साथियों से हमको भी प्रेरणा मिली और हमने भी इसकी तैयारी शुरू की, जिसके चलते आज यहां यह सफलता मिली है। आज तक स्नोबोर्ड में महिलाओं की प्रतियोगिताएं किसी भी स्तर पर नहीं हुई हैं। अब उम्मीद है कि इसमें महिलाएं भी बड़े स्तर पर प्रतिभाग करेंगी।
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प्रीति, स्नोबोर्ड की स्वर्ण पदक विजेता, हिमाचल।