मुस्लिम यूनिवर्सिटी तो अब बनकर रहेगी : अकील
विधानसभा चुनाव में छाए रहे मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अकील अहमद का नया बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब तो मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनकर रहेगी। चाहे इसके लिए समाज के लोगों से चंदा इकट्ठा करना पड़े। बगावती तेवर दिखाते हुए उन्होंने कहा कि वह इसी मुद्दे पर हरिद्वार लोकसभा से टिकट की मांग करेंगे। पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। अकील ने हरीश रावत के उस आरोप का भी जवाब दिया है जिसमें उन्होंने कुछ लोगों पर उनकी बेटी को हराने का काम करने का आरोप लगाया है। अकील ने कहा कि उन्हें हरीश रावत की बेटी को हराने नहीं जिताने का काम किया। उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव में तो उन्होंने कोई बयान नहीं दिया था, तब कांग्रेस क्यों हारी? तत्कालीन मुख्यमंत्री दो-दो सीटों से पराजित कैसे हो गए?
मुस्लिम यूनिवर्सिटी की मांग अन्य मांगों की तरह ही एक सामान्य मांग थी ः अकील
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अकील अहमद ने कहा कि यह बात भी सही है कि उनकी इस संबंध में चुनाव से पूर्व हरीश रावत से कोई बात नहीं हुई थी। मुस्लिम यूनिवर्सिटी की मांग अन्य मांगों की तरह ही एक सामान्य मांग थी, लेकिन भाजपा ने इसे मुद्दा बनाकर चुनाव मेें वोटों का ध्रुवीकरण कर दिया। इस मुद्दे के कारण कांग्रेस नहीं हारी। बड़े नेता अपनी कमियां छुपाने के लिए हार का ठीकरा उनके सिर फोड़ रहे हैं। वे मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की अपनी मांग पर अब भी कायम हैं और इसी मुद्दे के साथ लोकसभा चुनाव में हरिद्वार से टिकट मांगेंगे। यदि पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो निर्दलीय मैदान में उतरेंगे।