फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021: पिछड़े राज्य के अधिकतर कैंट बोर्ड, केवल दो कैंटों का प्रदर्शन रहा खासा

Mon, 22 Nov 2021 02:33 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड राज्य में नौ कैंट बोर्ड है। इसमें लैंसडौन, रानीखेत,नैनीताल, लंढौर कैंट, क्लेमेनटाउन कैंट, देहरादून कैंट, चकराता कैंट, अल्मोड़ा कैंट व रुड़की कैंट शामिल हैं।
विज्ञापन
देहरादून नगर निगम - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में राज्य के अधिकतर कैंट क्षेत्रों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। अधिकतर कैंट बोर्ड अपनी पिछली रैंकिंग सुधारने की बजाए और नीचे खिसक गए हैं। राज्य के नौ कैंट क्षेत्रों में मात्र दो ने ही पहले साल की तुलना में अपनी रैंकिंग में सुधार किया गया है। इनमें दून और चकराता कैंट शामिल है जबकि अल्मोड़ा कैंट का प्रदर्शन यथावत रहा है।

विज्ञापन


दो कैंटों को छोड़कर अधिकतर कैंटों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं
उत्तराखंड राज्य में नौ कैंट बोर्ड है। इसमें लैंसडौन, रानीखेत,नैनीताल, लंढौर कैंट, क्लेमेनटाउन कैंट, देहरादून कैंट, चकराता कैंट, अल्मोड़ा कैंट व रुड़की कैंट शामिल हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की तुलना में केवल दो कैंटों को छोड़कर अधिकतर कैंटों का प्रदर्शन इस बार खासा नहीं रहा। अधिकतर कैंट बोर्ड पिछले साल की तुलना में काफी पीछे खिसक गए हैं। केवल देहरादून और चकराता कैंट ही प्रदेश में ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी पिछले रैंकिग में जबरदस्त सुधार किया है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021: रैंकिंग में प्रदेश में नंबर वन आया देहरादून, लेकिन जगह-जगह पसरी गंदगी बयां कर रही अलग तस्वीर
विज्ञापन


देहरादून कैंट पिछले वर्ष देशभर के 62 कैंटों में 41 स्थान पर रहा था। इस बार देहरादून कैंट 35 स्थान पर रहा जबकि चकराता कैंट ने 54वें स्थान से 35 वें स्थान पर आ गया। जबकि दून के ही क्लेमेनटाउन कैंट बोर्ड पिछले साल की तुलना में दस स्थान पीछे खिसकर 43वें स्थान पर पहुंच गया है। जबकि वर्ष 2020 के सर्वेक्षण में क्लेमेनटाउन 34 स्थान पर रहा। इसी प्रकार लंढौर कैंट 32 स्थान से खिसकर 45 वें स्थान पर पहुंच गया है।

 

इसी प्रकार प्रदेश के अन्य कैंट बोर्डों का भी हाल है। खराब प्रदर्शन को हालांकि इस बार सर्वेक्षण के प्रावधानों को बताया जा रहा है। सर्वेक्षण में इस बार उन कैंटों को ज्यादा तवज्जो दी गई, जिनके यहां एसटीपी, कूडा निस्तारण प्लांट आदि का प्रावधान हैं। जिन कैंटों में इनका प्रावधान है, उन्हें ज्यादा नंबर दिए गए। जबकि क्लेमेनटाउन, लढौंर जैसे कैंट बोर्ड में सफाई की उचित व्यवस्था होने के बाद भी एसटीपी और कूड़ा निस्तारण प्लांट न होने के कारण प्रदर्शन में पिछड़ गए।

विज्ञापन

प्रदेश के कैंट बोर्डों की रैकिंग

कैंट - 2020, 2021
लैंसडौन - 4 - 18
रानीखेत - 17 - 21
नैनीताल - 24 - 31
लंडौर - 32 - 45
क्लेमेनटाउन - 34 - 43
देहरादून कैंट - 41 - 38
चकराता कैंट - 54 - 35
अल्मोड़ा कैंट - 40 - 40
रुड़की कैंट - 20 - 32

इस बार सर्वेक्षण में नए प्रावधान किए गए थे जिसमें कूड़ा निस्तारण, सीवरेज योजना आदि को तवज्जो दी गई। कैंट क्लेमेनटाउन का पूरा कूड़ा शीशमबाड़ा जाता है। इसलिए यहां कूड़ा निस्तारण प्लांट की आवश्यकता नहीं पड़ी। प्रावधानों में जिनके यहां यह व्यवस्था है, उन्हें ज्यादा नंबर दिए गए जबकि कैंट बोर्ड में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाता है।
- अभिषेक राठौर, सीईओ कैंट बोर्ड क्लेमेनटाउन

कैंट बोर्ड दून में पिछले दो सालों में स्वच्छता को लेकर काफी सुधार किया गया। दो कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाए गए हैं। घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था की गई है। प्लास्टिक कूड़े से ईको ब्रिक्स बनाने का काम किया गया। जिसके लिए राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिला है और पिछली बार की तुलना में रैंकिंग में काफी सुधार भी हुआ है।
- तनु जैन, सीईओ, दून कैंट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें